Explainer: स्वतंत्रता के पांच दशक बाद तक क्यों नहीं थी तिरंगा फहराने की आजादी, अदालत ने कैसे दिया ये अधिकार? ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर भारत का राष्ट्रीय ध्वज- तिरंगा फहराने पर जिस पाबंदी की बात की जा रही है, वह क्यों आजादी के बाद भी बनी रही थी? किस घटना के बाद तिरंगा फहराने की आजादी अधिकारों का सवाल बन गया? कैसे तिरंगा फहराने का मामला हाईकोर्ट से होता हुआ सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा? आखिरकार कैसे देश को तिरंगा फहराने की आजादी मिली और मौजूदा समय में भारतीय तिरंगे को लेकर किस तरह की पाबंदियां लागू हैं? आइये जानते हैं… इस बार जब भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा तो लाल किले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर अलग-अलग राज्यों में मुख्यमंत्री-राज्यपाल; अलग-अलग जगहों पर नेता-अधिकारी और आम लोग अपने-अपने घरों, प्रतिष्ठानों में तिरंगा फहराएंगे। साथ ही कई और जगहों पर इससे जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने 9 अगस्त से ही देश में हर घर तिरंगा कार्यक्रम को भी शुरू किया है, जिसके तहत देशभर में लोगों को अपने घरों में तिरंगा फहराने के लिए कहा गया है। हालांकि, यह बात अपने आप में कौतूहल बढ़ाने वाली है कि भारत में ही भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराने की छूट हमेशा से नहीं थी। स्वतंत्रता के करीब 50 साल से ज्यादा समय तक देश में तिरंगा फहराने पर तमाम पाबंदियां लागू थीं और ऐसा सिर्फ कुछ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Explainer: स्वतंत्रता के पांच दशक बाद तक क्यों नहीं थी तिरंगा फहराने की आजादी, अदालत ने कैसे दिया ये अधिकार?
Explainer: स्वतंत्रता के पांच दशक बाद तक क्यों नहीं थी तिरंगा फहराने की आजादी, अदालत ने कैसे दिया ये अधिकार? ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर भारत का राष्ट्रीय ध्वज- तिरंगा फहराने पर जिस पाबंदी की बात की जा रही है, वह क्यों आजादी के बाद भी बनी रही थी? किस घटना के बाद तिरंगा फहराने की आजादी अधिकारों का सवाल बन गया? कैसे तिरंगा फहराने का मामला हाईकोर्ट से होता हुआ सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा? आखिरकार कैसे देश को तिरंगा फहराने की आजादी मिली और मौजूदा समय में भारतीय तिरंगे को लेकर किस तरह की पाबंदियां ला