मस्तिष्क, यकृत, गुर्दे पर पड़ेगा असर एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ निश्चेतक डॉ. चरन सिंह का कहना है कि वाइटनर या फ्लूड से निकलने वाली वाष्प और रसायन शरीर के लिए बेहद खतरनाक हैं। ये सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों के माध्यम से तेजी से रक्तप्रवाह में पहुंचते हैं और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हैं। इसके लंबे समय तक सेवन से चक्कर आना, समन्वय में कमी, बेहोशी, लीवर और किडनी फेल जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। अन्य रसायन, जैसे एरोसोल स्प्रे या नाइट्राइट, रक्त वाहिकाओं को फैला सकते हैं, जिससे हृदय गति बढ़ना और हृदय संबंधी जोखिम बढ़ जाते हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर सबसे ज्यादा होता है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
पनीर में मिलाया कपड़े धोने वाला वाइटनर: सफेदी ऐसी कि असली लगे, 300-400 किलो रोज हो रहा था सप्लाई, बड़ा खुलासा
मस्तिष्क, यकृत, गुर्दे पर पड़ेगा असर एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ निश्चेतक डॉ. चरन सिंह का कहना है कि वाइटनर या फ्लूड से निकलने वाली वाष्प और रसायन शरीर के लिए बेहद खतरनाक हैं। ये सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर फेफड़ों के माध्यम से तेजी से रक्तप्रवाह में पहुंचते हैं और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हैं। इसके लंबे समय तक सेवन से चक्कर आना, समन्वय में कमी, बेहोशी, लीवर और किडनी फेल जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। अन्य रसायन, जैसे एरोसोल स्प्रे या नाइट्राइट, रक्त वाहिकाओं को फैला सकते हैं,