उस समय सिंगौली तगा गांव का एक व्यक्ति भी मंदिर में बैठा हुआ था। उस व्यक्ति के मंदिर से जाने के बाद साधु नरेशनाथ के कहने पर उज्ज्वल चाय बनाने गया। नरेशनाथ ने अपनी जेब से निकालकर नशे की 15 गोलियां दोनों की चाय में मिला दी। नशे की गोलियों का पत्ता भी मंदिर परिसर से पुलिस को मिल गया है। इसके बाद उसने दोनों को चाय पिला दी। चाय पीते ही अंकित और इसरार बेहोश हो गए। उनको बेहोश होते ही नरेशनाथ ने कार में रखे जहर के इंजेक्शन लगाए। पहले उनको नहर में फेंकने की योजना थी, मगर यह डर हुआ कि उनको लेकर जाते हुए कोई देख लेगा, इसलिए मंदिर परिसर में दबाने की योजना बनाई। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
बागपत डबल मर्डर: साधु ने मंदिर परिसर में जिस जगह पर दोनों को दबाया, वहां पर धूनी रमाकर 14 दिन तक पूजा की
उस समय सिंगौली तगा गांव का एक व्यक्ति भी मंदिर में बैठा हुआ था। उस व्यक्ति के मंदिर से जाने के बाद साधु नरेशनाथ के कहने पर उज्ज्वल चाय बनाने गया। नरेशनाथ ने अपनी जेब से निकालकर नशे की 15 गोलियां दोनों की चाय में मिला दी। नशे की गोलियों का पत्ता भी मंदिर परिसर से पुलिस को मिल गया है। इसके बाद उसने दोनों को चाय पिला दी। चाय पीते ही अंकित और इसरार बेहोश हो गए। उनको बेहोश होते ही नरेशनाथ ने कार में रखे जहर के इंजेक्शन लगाए। पहले उनको नहर में फेंकने की योजना थी, मगर यह डर हुआ कि उनको लेकर जाते हुए को