लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी को 28 अगस्त तक जवाब देने को कहा है। उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना के आरोपों से संबंधित दो नोटिस दिए गए हैं। 14 अगस्त को जारी पत्र में संयुक्त सचिव एच. राम प्रकाश ने बताया कि ये नोटिस भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और संजय जायसवाल ने दिए हैं।अनुराग सिंह ठाकुर ने 30 जुलाई को दिए अपने नोटिस में आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने चर्चा के दौरान गृह मंत्री के खिलाफ “असंसदीय और अपमानजनक भाषा” का इस्तेमाल किया और “गंभीर आरोप” लगाए। उन्होंने कहा कि इन आरोपों को नियम 353 के तहत पहले से नोटिस दिए बिना लगाया गया।वहीं, संजय जायसवाल ने 29 जुलाई को दिए अपने अलग पत्र में राहुल गांधी द्वारा कथित तौर पर असंसदीय शब्दों के इस्तेमाल का संज्ञान लेने और नियमों के तहत उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी को भेजे नोटिस में कहा है कि वह मामले पर अपना जवाब या टिप्पणी 28 अगस्त तक दें, ताकि इसे “माननीय लोकसभा अध्यक्ष के विचारार्थ” रखा जा सके।जायसवाल ने अपने नोटिस में कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ ऐसी टिप्पणियां कीं, जो “आपत्तिजनक, अपमानजनक और संसदीय कार्यवाही की स्थापित परंपराओं के अनुरूप नहीं” थीं।जायसवाल ने कहा, “सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना संसदीय लोकतंत्र की एक वैध और जरूरी विशेषता है। लेकिन व्यक्तिगत हमले और ऐसी भाषा का इस्तेमाल, जो अपमानजनक, मानहानिकारक या अन्यथा असंसदीय हो, इस सदन की कार्यवाही में स्वीकार नहीं किया जा सकता।” उन्होंने नियम 352 और 353 का भी हवाला दिया। ये नियम चर्चा के दौरान मानहानि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
अमित शाह के खिलाफ असंसदीय टिप्पणी पर फंसे राहुल गांधी: विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी, कब तक देना होगा जवाब?
लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी को 28 अगस्त तक जवाब देने को कहा है। उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना के आरोपों से संबंधित दो नोटिस दिए गए हैं। 14 अगस्त को जारी पत्र में संयुक्त सचिव एच. राम प्रकाश ने बताया कि ये नोटिस भाजपा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और संजय जायसवाल ने दिए हैं।अनुराग सिंह ठाकुर ने 30 जुलाई को दिए अपने नोटिस में आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने चर्चा के दौरान गृह मंत्री के खिलाफ "असंसदीय और अपमानजनक भाषा" का इस्तेमाल किया और "गंभीर आरोप" लगाए। उन्होंने कहा कि इन आरोपों को नियम