03:04 PM, 12-Aug-2026 Surya Grahan 2026 Live: सूर्य ग्रहण की पौराणिक कथा हिंदू धर्म की पौराणिक कथाओं में राहु और केतु को असुर शक्तियों से जोड़ा गया है। सूर्य ग्रहण की कथा का संबंध समुद्र मंथन और अमृत प्राप्ति की घटना से बताया जाता है। मान्यता के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने मिलकर क्षीरसागर का मंथन किया, तो उसमें से अमृत कलश निकला। अमृत को लेकर दोनों पक्षों में विवाद होने लगा, क्योंकि इसे पीने वाला अमर हो जाता। तब भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया और देवताओं व असुरों के बीच अमृत बांटने लगे। इसी दौरान स्वर्भानु नाम का असुर देवता का रूप धारण करके देवताओं की पंक्ति में बैठ गया और अमृत की कुछ बूंदें पी लीं। सूर्य देव और चंद्र देव को उसके असुर होने का पता चल गया। उन्होंने भगवान विष्णु को इसकी जानकारी दी। इसके बाद भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से स्वर्भानु का सिर धड़ से अलग कर दिया। अमृत का स्पर्श हो जाने के कारण उसका सिर अमर हो चुका था। बाद में उसका सिर राहु और धड़ केतु कहलाया। पौराणिक मान्यता है कि सूर्य और चंद्रमा द्वारा उसकी पहचान बताए जाने के कारण राहु उनसे शत्रुता रखने लगा। इसी वजह से वह समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को ग्रसता है। सूर्य को ग्रसने की घटना को सूर्य ग्रहण और चंद्रमा को ग्रसने को चंद्र ग्रहण से जोड़ा जाता है। यह कथा धार्मिक और पौराणिक मान्यता पर आधारित है। वैज्ञानिक दृष्टि से सूर्य ग्रहण चंद्रमा के सूर्य और पृथ्वी के बीच आने के कारण होने वाली खगोलीय घटना है। 02:57 PM, 12-Aug-2026 Surya Grahan 2026 Live: कितने घंटे का होगा सूर्यग्रहण आज यानी 12 अगस्त 2026 को सूर्य ग्रहण लगेगा। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण रात 9 बजकर 04 मिनट पर शुरू होगा और 13 अगस्त की रात 1 बजकर 2 …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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