कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में उनका क्या अनुभव रहा? उन्होंने सीएसआर और डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर क्या सुझाव दिया था? दीप्ति गौड़ मुखर्जी का प्रशासनिक अनुभव कितना व्यापक है? मध्य प्रदेश से केंद्र तक किन अहम पदों पर रहीं? दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव के तौर पर काम किया है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कॉरपोरेट क्षेत्र और सामाजिक विकास से जुड़े मुद्दों पर भी जोर दिया। वर्ष 2025 में जनजातीय विकास के लिए कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व यानी सीएसआर पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी में उन्होंने भारतीय कॉरपोरेट मामलों के संस्थान की पहल की सराहना की थी। उन्होंने नीति बनाने वालों, उद्योग जगत और समुदाय से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने की जरूरत बताई थी।मुखर्जी ने सीएसआर से जुड़े सरकारी और कॉरपोरेट प्रयासों के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक नए डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुझाव दिया था। उनका विचार सीएसआर एक्सचेंज को नए रूप में विकसित करने का था। इसके जरिये अलग-अलग परियोजनाओं की जानकारी एक जगह जुटाने, सहयोग के अवसर पहचानने और बेहतर कामों व उनके प्रभाव की जानकारी साझा करने में मदद मिल सकती है। उनका जोर इस बात पर भी रहा कि विकास से जुड़े कार्यक्रमों में केवल संस्थाओं की भूमिका न हो, बल्कि स्थानीय समुदाय की भी सक्रिय भागीदारी हो।तीन फरवरी 1969 को उत्तर प्रदेश में जन्मीं दीप्ति गौड़ मुखर्जी की पढ़ाई अर्थशास्त्र और सार्वजनिक नीति में हुई है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस से पब्लिक मैनेजमेंट एंड गवर्नेंस में एमएससी की है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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