प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। उनके समर्थक भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। महतो ने कहा कि वह पिछले 17 दिनों से सत्याग्रह और नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।उन्होंने कहा, ‘लाठी, गोली, बंदूकों से सरकार नहीं चलती है। सरकार जनता को संतुष्ट रखकर चलती है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें प्रताड़ित किया गया और जबरदस्ती एंबुलेंस में डाल दिया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस लड़ाई को जारी रखेंगे।जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा गेट नंबर-1 के पास बैठकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने पहले छात्रों से गेट के पास से हटने का आग्रह किया। बार-बार अपील के बावजूद जब छात्र वहां से नहीं हटे तो पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए सख्ती शुरू कर दी। इसके बाद छात्रों को खदेड़ते हुए जगन्नाथ मंदिर की ओर ले जाया गया।इस दौरान हुए लाठीचार्ज और भगदड़ में कई छात्रों के घायल होने की बात सामने आई है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि दर्जनों छात्रों को चोटें आई हैं। कई छात्र भगदड़ में गिर गए, जबकि कुछ छात्राओं के भी घायल होने की सूचना है।लाठीचार्ज की घटना के बाद छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि अब सरकार के साथ किसी स्तर पर वार्ता नहीं होगी। छात्रों ने स्पष्ट किया कि यदि बातचीत होगी तो सीधे मुख्यमंत्री के साथ होगी, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आंदोलन को और व्यापक तथा तेज करने का ऐलान किया।गौरतलब है कि सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान दिन में भी कई बार पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच तनाव की स्थिति बनी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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