रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप पिछले कुछ हफ्तों से इस नतीजे की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने अपने वरिष्ठ सहयोगियों से निजी तौर पर कहा है कि वह तेहरान के साथ औपचारिक परमाणु समझौता किए बिना भी पीछे हट सकते हैं। हालांकि, इस फैसले के लिए सम्मानजनक रास्ता निकालना मुश्किल हो गया है।ईरान ने महत्वपूर्ण जलमार्ग से आवाजाही बहाल करने के बदले कई बड़ी मांगें रखी हैं। इनमें अरबों डॉलर का भुगतान, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की पूरी वापसी और अन्य बड़ी रियायतें शामिल हैं। इन मांगों से अमेरिका के कूटनीतिक विकल्प सीमित हो गए हैं।इससे यह चिंता भी बढ़ी है कि ईरान जल्द समझौते के बजाय लंबे समय तक टकराव के लिए तैयारी कर रहा है। ईरान ने मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के जरिए इस संकरे समुद्री मार्ग से होने वाले यातायात को प्रभावित करने की क्षमता दिखाई है। इससे वैश्विक वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही धीमी हुई है और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है।हाल के हफ्तों में ट्रंप बार-बार दावा करते रहे हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है। हालांकि, ये दावे सिर्फ दावे ही साबित हुए हैं। फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग को बंद कर दिया था। उसका कहना था कि अमेरिकी युद्धपोतों और सहयोगी देशों के जहाजों को यहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर टोल लगाने की भी कोशिश की।अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वॉशिंगटन ने ईरान की होर्मुज में पाबंदियों और टोल लगाने की किसी भी कोशिश को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। सप्ताहांत में संयुक्त अरब अमीरात की ओर से यह घोषणा किए जाने के बाद कूटनीतिक समाधान की उम्म …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
होर्मुज खुला तो परमाणु समझौते से पीछे हटेगा US?: ईरान संघर्ष से निकलने को बेताब ट्रंप, तैयार है एग्जिट प्लान
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप पिछले कुछ हफ्तों से इस नतीजे की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने अपने वरिष्ठ सहयोगियों से निजी तौर पर कहा है कि वह तेहरान के साथ औपचारिक परमाणु समझौता किए बिना भी पीछे हट सकते हैं। हालांकि, इस फैसले के लिए सम्मानजनक रास्ता निकालना मुश्किल हो गया है।ईरान ने महत्वपूर्ण जलमार्ग से आवाजाही बहाल करने के बदले कई बड़ी मांगें रखी हैं। इनमें अरबों डॉलर का भुगतान, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना, क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की पूरी वापसी और अन्य बड़ी रियायतें शामिल हैं। इन मांगों से