उन्होंने कहा, “इस्राइली सेना तब तक किसी तरह की वापसी नहीं करेगी, जब तक हमास को वास्तव में निरस्त्र नहीं कर दिया जाता। हमारी सेना और हमारे नागरिकों के खिलाफ खतरों को नाकाम करने का काम जारी रहेगा।” नेतन्याहू का यह बयान गाजा युद्ध खत्म करने के ट्रंप के प्रयासों के एक अहम हिस्से को खारिज करता है। इस्राइल का कहना है कि उसकी सेना की वापसी से पहले हमास को अपने हथियार छोड़ने होंगे।ट्रंप ने पिछले महीने कहा था कि संघर्ष खत्म करने की उनकी योजना में बड़ी सफलता मिली है, जिसके तहत इस्राइल और हमास दोनों इस ढांचे पर सहमत हो गए हैं। इसके बाद युद्धविराम लागू हुआ था। ट्रंप ने यह भी कहा था कि 7 अक्टूबर 2023 को इस्राइल पर हुए हमले के बाद शुरू हुए युद्ध से पहले करीब दो दशक तक गाजा पर नियंत्रण रखने वाले हमास ने हथियार डालने पर सहमति जताई थी।हालांकि, पिछले अक्टूबर में हुए युद्धविराम के बावजूद इस्राइल ने गाजा में हमले जारी रखे हैं। नेतन्याहू के ताजा रुख से ट्रंप की गाजा योजना के अगले चरण में हमास के निरस्त्रीकरण का मुद्दा सबसे अहम हो गया है। इस्राइल ने साफ कर दिया है कि जब तक फलस्तीनी सशस्त्र समूह के पास हथियार हैं, तब तक वह अपनी सेना की वापसी के लिए तैयार नहीं है।इस्राइल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे नेतन्याहू पर उनके कट्टरपंथी दक्षिणपंथी सहयोगियों की ओर से नई मंत्रिमंडल बैठक बुलाने और गाजा योजना को खत्म करने का दबाव भी है। सर्वेक्षणों के अनुसार, नेतन्याहू सत्ता में बने रहने के लिए कड़े मुकाबले में हैं।नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल अपनी आपत्तियों को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा, “उनके पास कुछ विचार हैं। उनमें से कुछ हमें स्वीकार्य हैं और कुछ न …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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