प्रधानमंत्री के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में प्रदर्शन कर रहे 99 प्रतिशत लोग “देशभक्त” हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल के प्रतिनिधि जल्द ही प्रतिबंधित संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। जेएएसी के कार्यकर्ता इस क्षेत्र में लंबे समय से विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे हैं।कुछ दिन पहले तक पीएमएल-एन का कहना था कि प्रदर्शनकारियों के बीच प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के सदस्य मौजूद हैं। इसी आधार पर सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को उचित ठहराया जाता रहा था। पीओके में तथाकथित चुनाव के तीसरे चरण से पहले शनिवार को एक रैली को संबोधित करते हुए सनाउल्लाह ने कहा, “संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी से जुड़े 99 प्रतिशत लोग हमारे देशभक्त भाई हैं।“भारत का साफ कहना है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उसके अभिन्न और अटूट हिस्से हैं। नई दिल्ली का यह भी कहना है कि पाकिस्तान इन केंद्र शासित प्रदेशों के कुछ हिस्सों पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है।सनाउल्लाह ने शनिवार को आगे कहा, “जब पीएमएल-एन की सरकार दो-तिहाई बहुमत के साथ बनेगी तो वह (संयुक्त अवामी) एक्शन कमेटी के प्रतिनिधियों के साथ बैठेगी। उनका पहला काम इस मुद्दे को हल करना होगा।” अब तक हुए चुनाव के दो चरणों में प्रतिष्ठान समर्थित पीएमएल-एन ने 25 सीटें जीत ली हैं। इसने 45 निर्वाचित सीटों वाली पीओके की तथाकथित विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। चुनाव के दौरान व्यापक हिंसा और बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप भी लगे हैं।पीएमएल-एन का मुख्य मुकाबला पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) से रहा, ज …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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