बता दें कि शिरोमणि अकाली दल ने केंद्र सरकार से महिला आरक्षण विधेयक तत्काल लागू करने की मांग की है। पार्टी ने सभी राज्यों में संसदीय सीटों की संख्या में 50 फीसदी बढ़ोतरी के केंद्र के प्रस्ताव का समर्थन किया। ये फैसले शनिवार को अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल की अध्यक्षता में हुई वरिष्ठ नेताओं की बैठक में लिए गए। बैठक के एजेंडे अहम माने गए क्योंकि सुखबीर बादल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर लौटे थे। सुखबीर ने कहा कि अकाली दल महिला आरक्षण विधेयक के साथ परिसीमन प्रक्रिया को भी तुरंत आगे बढ़ाने के पक्ष में है। पार्टी लोकसभा में पेश सभी राज्यों की संसदीय सीटों में 50 फीसदी बढ़ोतरी के प्रस्ताव का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि परिसीमन प्रक्रिया निष्पक्ष और समान होनी चाहिए। इससे किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा और सभी को समान प्रतिनिधित्व मिलेगा। बादल ने बताया कि अकाली दल सिख गुरुओं की शिक्षाओं से प्रेरणा लेता है। सिख गुरुओं ने हमेशा महिलाओं की गरिमा, समानता और समान अधिकारों पर जोर दिया है। महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना इसी भावना के अनुरूप है। आरक्षण की पारदर्शी प्रक्रिया बादल ने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने भी महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान कर उदाहरण पेश किया है। उन्होंने केंद्र से मांग की कि महिला आरक्षण को बिना किसी देरी के लागू किया जाए। साथ ही, परिसीमन को लेकर सभी राज्यों के हितों का ध्यान रखा जाए। इसके लिए एक पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
महिला आरक्षण विधेयक को अकाली दल का समर्थन: शिअद ने केंद्र से की ये मांग, BJP से गठबंधन पर क्या बोले गुलजार?
बता दें कि शिरोमणि अकाली दल ने केंद्र सरकार से महिला आरक्षण विधेयक तत्काल लागू करने की मांग की है। पार्टी ने सभी राज्यों में संसदीय सीटों की संख्या में 50 फीसदी बढ़ोतरी के केंद्र के प्रस्ताव का समर्थन किया। ये फैसले शनिवार को अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल की अध्यक्षता में हुई वरिष्ठ नेताओं की बैठक में लिए गए। बैठक के एजेंडे अहम माने गए क्योंकि सुखबीर बादल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर लौटे थे। सुखबीर ने कहा कि अकाली दल महिला आरक्षण विधेयक के साथ परिसीमन प्रक्रिया को भी तुरंत आगे बढ़ाने