सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में मेटा के प्लेटफ़ॉर्म को भारतीय कानूनों और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप काम करना होगा। बातचीत का केंद्र कंपनी के पूरे एल्गोरिदम को बदलना नहीं, बल्कि कंटेंट मॉडरेशन, CSAM, डीपफेक और सिंथेटिक कंटेंट से जुड़े मौजूदा सिस्टम को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना है। सरकार खास तौर पर स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक संदर्भों की बेहतर समझ, संवेदनशील मामलों में मानव समीक्षा तथा हटाए गए हानिकारक कंटेंट को दोबारा रिकमेंड होने से रोकने पर जोर दे रही है। मेटा और MeitY के बीच तकनीकी बातचीत जारी रहेगी और अगले सप्ताह फिर बैठक होने की संभावना है। हालांकि कुछ चिंताएं अब भी बनी हुई हैं, अधिकारियों ने कहा कि मेटा के साथ हालिया बातचीत का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्लेटफॉर्म की गाइडलाइंस और कंटेंट पॉलिसी पूरी तरह भारतीय कानूनों के अनुरूप हों। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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