विमान में आखिर कब और कहां आए थे तेज झटके? उन्होंने कहा, अभी न तो विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और न ही एअर इंडिया यह स्पष्ट कर रहे हैं कि विमान को गंभीर टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा था या नहीं। यह भी नहीं बताया गया है कि सीट बेल्ट का संकेत चालू था या नहीं और घटना किस जगह व किस समय हुई। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह घटना तब हुई, जब विमान म्यांमार के इलाके में दाखिल हुआ था। कुछ के मुताबिक, यह भारतीय सीमा में आते समय हुआ। वहीं, कुछ लोग इसे भुवनेश्वर के पास की घटना बता रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह विमान के उतरने से करीब 45 मिनट पहले नीचे आते समय हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें इससे हैरानी नहीं है, क्योंकि एयरलाइन इस बारे में ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं करना चाहेगी। डीजीसीए ने इस मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और एयरलाइन भी जांच करेगी। इसलिए संभव है कि एयरलाइन पूरी सच्चाई और वास्तव में क्या हुआ, इसकी जानकारी अभी सामने न रखे। जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि वास्तव में क्या हुआ था। पायलट का डोप टेस्ट क्यों हुआ? उन्होंने आगे कहा कि इन सबके बीच आज एक नया पहलू सामने आया है कि पायलट का डोप टेस्ट (यानी मन को प्रभावित करने वाले पदार्थों की जांच) किया गया है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में उड़ान शुरू होने से पहले ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट नहीं किया जाता। यह टेस्ट शराब की जांच के लिए होता है। आमतौर पर यह टेस्ट विमान के उतरने और गंतव्य पर पहुंचने के बाद किया जाता है। टर्बुलेंस में केबिन क्रू क्या कर सकता है? कैप्टन सीएस रंधावा ने कहा कि कई बार केबिन क्रू भी विमान में इधर-उधर नहीं जा सकता, क्योंकि सीट बेल्ट का संकेत …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Air India Flight Turbulence: टर्बुलेंस की वजह तकनीकी खराबी या मौसम? भारतीय पायलट संघ ने क्या बताई वजह
विमान में आखिर कब और कहां आए थे तेज झटके? उन्होंने कहा, अभी न तो विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और न ही एअर इंडिया यह स्पष्ट कर रहे हैं कि विमान को गंभीर टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा था या नहीं। यह भी नहीं बताया गया है कि सीट बेल्ट का संकेत चालू था या नहीं और घटना किस जगह व किस समय हुई। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह घटना तब हुई, जब विमान म्यांमार के इलाके में दाखिल हुआ था। कुछ के मुताबिक, यह भारतीय सीमा में आते समय हुआ। वहीं, कुछ लोग इसे भुवनेश्वर के पास की घटना बता रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह