‘शादी की साड़ी में सिर्फ धागे नहीं, मां का प्यार था’ शादी के दिन हैंडलूम साड़ी चुनने के पीछे क्या वजह थी? इस सवाल पर कृतिका का जवाब बेहद भावुक था। वह कहती हैं, ‘ये मेरे लिए बहुत भावनात्मक फैसला था। मेरी शादी की साड़ी मां ने चंदेरी के कारीगरों के साथ मिलकर बनवाई थी। मैं हमेशा से ही अपनी शादी के दिन एक खास लाल रंग की साड़ी पहनना चाहती थी। उस शेड को ढूंढने में कई हफ्ते लगे। उसमें असली जरी का भी इस्तेमाल हुआ। जब वो साड़ी बनकर आई तो उसमें पहले से ही इतना काम और मां का इतना प्यार था कि मैं उसके अलावा कुछ और पहनने के बारे में सोच भी नहीं सकती थी।’ …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Exclusive : सोशल मीडिया पोस्ट और हैशटैग से बदलाव नहीं आएगा, कृतिका कामरा बोलीं- खरीदने से बचेगा हैंडलूम
'शादी की साड़ी में सिर्फ धागे नहीं, मां का प्यार था' शादी के दिन हैंडलूम साड़ी चुनने के पीछे क्या वजह थी? इस सवाल पर कृतिका का जवाब बेहद भावुक था। वह कहती हैं, 'ये मेरे लिए बहुत भावनात्मक फैसला था। मेरी शादी की साड़ी मां ने चंदेरी के कारीगरों के साथ मिलकर बनवाई थी। मैं हमेशा से ही अपनी शादी के दिन एक खास लाल रंग की साड़ी पहनना चाहती थी। उस शेड को ढूंढने में कई हफ्ते लगे। उसमें असली जरी का भी इस्तेमाल हुआ। जब वो साड़ी बनकर आई तो उसमें पहले से ही इतना काम और मां का इतना प्यार था कि मैं उसके अलावा