रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल ध्रुव कटोच के मुताबिक पाकिस्तान की सेना इस समय तीन मोर्चों- बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके)- पर भारी सरदर्द झेल रही है। उन्होंने कहा कि दुश्मन देश से लड़ते वक्त जवानों में जज्बा होता है, वह अपनी जान देने के लिए तैयार हो जाते हैं, लेकिन यहां लड़ाई दुश्मन के साथ नहीं, अंदरूनी है। अपने ही देश में लड़ते हुए रोजाना सैनिकों की मौतें झेलना बेहद मुश्किल काम है। इससे सेना में बगावत की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना इस चौतरफा गृहयुद्ध से 1-2 साल तो लड़ सकती है, लेकिन लंबे समय तक स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पाएगी। सेना के लिए मनोबल बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा। कटोच ने कहा कि अगर अमेरिका बलूचिस्तान का समर्थन करता है तो चीन वहां पूरी तरह ब्लॉक हो जाएगा, ग्वादर अमेरिका को मिल जाएगा और बलूचिस्तान को आजादी मिल जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के हित फिलहाल पाकिस्तान से भी जुड़े हैं।विदेश मामलों के जानकार कमर आगा का कहना है कि पाकिस्तान ने बलूचिस्तान को हमेशा एक उपनिवेश की तरह ट्रीट किया और जबरन कब्जा बनाए रखा। गैस और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद बलूच जनता गरीब बनी रही। वहां स्कूल, कॉलेज और बुनियादी ढांचा नहीं बनाया गया। चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे ने बलूचियों की समस्याओं को और बढ़ा दिया, जिससे असंतोष चरम पर पहुंचा। यदि इस्लामाबाद ने इसे ताकत से दबाने की कोशिश की, तो उग्रवाद और अशांति और तेजी से फैलेगी। उन्होंने कहा कि भारत को बलूचिस्तान की मदद करनी चाहिए। हालांकि भारत फिलहाल बलूचिस्तान की आजादी का समर्थन नहीं करेगा, वह वेट एंड वॉच की नीति अपनाएगा।सामरिक माम …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
बलूचिस्तान: लंबी जंग खिंची तो बिखर जाएगी पाकिस्तानी फौज, कुल तीन अंदरूनी मोर्चों पर फंसी PAK सेना
रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल ध्रुव कटोच के मुताबिक पाकिस्तान की सेना इस समय तीन मोर्चों- बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके)- पर भारी सरदर्द झेल रही है। उन्होंने कहा कि दुश्मन देश से लड़ते वक्त जवानों में जज्बा होता है, वह अपनी जान देने के लिए तैयार हो जाते हैं, लेकिन यहां लड़ाई दुश्मन के साथ नहीं, अंदरूनी है। अपने ही देश में लड़ते हुए रोजाना सैनिकों की मौतें झेलना बेहद मुश्किल काम है। इससे सेना में बगावत की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना इस चौतरफा