जानें दूसरे दिन क्या हुआ दरअसल, दूसरे दिन मंगलवार को भी इसी मुद्दे पर सदन में भारी हंगामा हुआ था। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान सपा विधायक सचिन यादव द्वारा उनकी तस्वीर लहराने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना नाराज हो गए थे। उन्होंने सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए सदन से निष्कासित कर दिया और कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की तस्वीर के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। निष्कासन के बाद सचिन यादव विधानसभा परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में रागिनी सोनकर, अतुल प्रधान सहित 20 से अधिक सपा विधायक भी धरने में शामिल हुए। बाद में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के समझाने पर सचिन यादव ने धरना समाप्त कर दिया। उधर, सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण सदन की कार्यवाही कई बार बाधित हुई। भाजपा और सपा के विधायक आमने-सामने आ गए, जबकि महिला विधायक भी एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करती नजर आईं। लगातार हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। वहीं, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने सदन में चर्चा कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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