बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने दावा किया है कि उसने पिछले महीने बलूचिस्तान में 48 अभियानों के दौरान 97 पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों और पांच कथित मुखबिरों को मार गिराया, जबकि 15 अन्य सैनिक घायल हुए। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, संगठन की मासिक ऑपरेशनल रिपोर्ट में बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वहराम बलूच ने कहा कि अभियानों के दौरान पाकिस्तानी सेना, अन्य सरकारी सुरक्षा बलों, सैन्य और आर्थिक ठिकानों, संचार नेटवर्क तथा निगरानी ढांचे को निशाना बनाया गया।बीएलएफ के अनुसार, ये अभियान काहान, चागई, खारन, कलात, मस्तुंग, खुजदार, बासिमा, मांड, टुम्प, गोमाजी, झाओ, क्वेटा, जमुरान, सुराब, मशकेल, बुलेदा, कराची, पासनी, राखनी, नाल, खुदान, बालनेगवार और मशके में चलाए गए। संगठन का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य बलूचिस्तान में पाकिस्तानी राज्य की उस व्यवस्था को कमजोर करना है, जिसे वह औपनिवेशिक ढांचा बताता है। साथ ही उसने दावा किया कि उसका मकसद संसाधनों के दोहन को रोकना और क्षेत्र पर सेना के नियंत्रण को कमजोर करना है।ग्वहराम बलूच ने 22 जुलाई को मस्तुंग के खादकोचा इलाके में मैक्रो स्टॉप के पास पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर हुए हमले को महीने की सबसे बड़ी और सबसे घातक कार्रवाई बताया।संगठन ने दावा किया कि इस हमले में 17 सैनिक मारे गए, 10 अन्य घायल हुए और सैन्य काफिले को भी भारी नुकसान पहुंचा।बीएलएफ का कहना है कि उसके लड़ाकों ने जुलाई के दौरान प्रमुख राजमार्गों पर नौ स्थानों पर नाकेबंदी कर नियंत्रण स्थापित किया, ताकि सेना की सप्लाई लाइनों को बाधित किया जा सके और इलाके में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके। संगठन के ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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