प्रशांत किशोर बिहार के रहने वाले हैं। करगहर के वोटर हैं। बांकीपुर के नहीं। फिर भी बांकीपुर से इनका रिश्ता कुछ ऐसा बना कि अब विधायक बन गए। बहुत पीछे जाने की जरूरत नहीं। जनवरी 2025 की बात है, जब बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गांधी मैदान में उन्हें नियंत्रित करने के लिए बिहार के किसी पुलिसकर्मी ने थप्पड़ चलाया था। उस समय प्रशांत किशोर बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा रद्द कराने को लेकर आंदोलन कर रहे थे। भूख हड़ताल से उठाने के लिए यह सब किया गया था। अब प्रशांत किशोर को उसी क्षेत्र के लोगों ने अपना विधायक चुना है। इस जीत के साथ प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव में अपने निर्णय से उतारे गए 238 प्रत्याशियों में से जमानत गंवाने वाले 236 जनसुराजियों की करारी हार का बदला भी ले लिया। इस बार भी पुलिस से उलझे, उसी क्षेत्र के विधायक बने बांकीपुर उप चुनाव के पहले भी उनका पुलिस से ही झंझट हुआ था। इस बार जक्कनपुर थाने में उनका वीडियो खूब वायरल हुआ भी। प्रशांत किशोर ने पुलिस की हनक को लेकर सरकार को भी चेताया था कि जब वह जदयू में ताकतवर थे तो भाजपा पर जोर आजमा सकते थे। मतलब, वह कहना चाहते थे कि इस धरती पर कभी नाव पर ट्रैक्टर तो कभी ट्रैक्टर पर नाव को देखना अजूबा नहीं है। अब बांकीपुर से वह विधायक चुन लिए गए हैं। देखना होगा कि वह जक्कनपुर के ताजा कांड से लेकर गांधी मैदान में हुई रार को लेकर आगे लड़ते हैं या रोजगार-विकास को लेकर कुछ नया प्रयोग दिखाते हैं? दोनों लोकल पर भारी पड़े करगहर के मतदाता प्रशांत प्रशांत किशोर की जीत पर रोहतास-कैमूर आदि इलाकों में भी ज्यादा जश्न दिख रहा है। जीत बांकीपुर में, लेकिन उसका उत्साह उनके क्षेत्र रोहतास के करगहर में साफ दिख रहा है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Prashant Kishor: प्रशांत किशोर पर थप्पड़ किसने चलाया था? बांकीपुर की जीत से 236 की जमानत जब्त का हिसाब चुकता
प्रशांत किशोर बिहार के रहने वाले हैं। करगहर के वोटर हैं। बांकीपुर के नहीं। फिर भी बांकीपुर से इनका रिश्ता कुछ ऐसा बना कि अब विधायक बन गए। बहुत पीछे जाने की जरूरत नहीं। जनवरी 2025 की बात है, जब बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गांधी मैदान में उन्हें नियंत्रित करने के लिए बिहार के किसी पुलिसकर्मी ने थप्पड़ चलाया था। उस समय प्रशांत किशोर बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा रद्द कराने को लेकर आंदोलन कर रहे थे। भूख हड़ताल से उठाने के लिए यह सब किया गया था। अब प्रशांत किशोर को उसी क्षेत्र के लोगों ने अपना