महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में राउज़ एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि “18 जनवरी 2023 को मैंने कहा था कि ये एक षडयंत्र है। अगर मेरे ऊपर कोई आरोप सही पाया जाएगा तो मैं स्वत: फांसी पर लटक जाऊंगा। आज तक मैं उसी बात पर कायम रहा और आज लगभग तीन साल बाद कोर्ट ने मुझे और विनोद तोमर का बरी किया है। मैं 15-16 साल की उम्र से संघर्ष देख रहा हूं। मैं हमेशा जो कमजोर थे, जिनका हक मारा जाता था मैं उनके पक्ष में खड़ा होता था। मुझे अपने आप पर विश्वास था…मुझे पूरा विश्वास था कि मेरे साथ न्याय होगा। मेरे साथ न्याय हुआ। मैंने अपने आप को कभी अपराधी महसूस नहीं किया।” आज, कोर्ट ने मुझे सम्मान के साथ बरी कर दिया है। यह मेरे और मेरे समर्थकों के लिए खुशी की बात है… आज खुशी का दिन है…." महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में राउज़ एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि “18 जनवरी 2023 को मैंने कहा था कि ये एक षडयंत्र है। अगर मेरे ऊपर कोई आरोप सही पाया जाएगा तो मैं स्वत: फांसी पर लटक जाऊंगा। आज तक मैं उसी बात पर कायम रहा और आज लगभग तीन साल बाद कोर्ट ने मुझे और विनोद तोमर का बरी किया है।मैं 15-16 साल की उम्र से संघर्ष देख रहा हूं। मैं हमेशा जो कमजोर थे, जिनका हक मारा जाता था मैं उनके पक्ष में खड़ा होता था। मुझे अपने आप पर विश्वास था…मुझे पूरा विश्वास था कि मेरे साथ न्याय होगा। मेरे साथ न्याय हुआ। मैंने अपने आप को कभी अपराधी महसूस नहीं किया।” आज, कोर्ट ने मुझे सम्मान के साथ बरी कर दिया है। यह मेरे और मेरे समर्थकों के लिए खुशी की बात है… आज खुशी का दिन है…." महिला पहलवानों के कथित …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Brij Bhushan Sharan: 'आरोप साबित होता तो मैं खुद फांसी पर...', बरी होने के बाद बृज भूषण शरण का पहला रिएक्शन
महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में राउज़ एवेन्यू कोर्ट से बरी होने के बाद बृज भूषण शरण सिंह ने कहा कि "18 जनवरी 2023 को मैंने कहा था कि ये एक षडयंत्र है। अगर मेरे ऊपर कोई आरोप सही पाया जाएगा तो मैं स्वत: फांसी पर लटक जाऊंगा। आज तक मैं उसी बात पर कायम रहा और आज लगभग तीन साल बाद कोर्ट ने मुझे और विनोद तोमर का बरी किया है। मैं 15-16 साल की उम्र से संघर्ष देख रहा हूं। मैं हमेशा जो कमजोर थे, जिनका हक मारा जाता था मैं उनके पक्ष में खड़ा होता था। मुझे अपने आप पर विश्वास था...मुझे पूरा विश्वा