परीक्षा केंद्र और एग्जाम सिटी को लेकर क्या बदला? परीक्षा पैटर्न में क्या बदलाव किया गया? सुरक्षा व्यवस्था को कैसे मजबूत किया गया? धांधली रोकने और निगरानी के लिए क्या कदम उठाए गए? इस बार कितने उम्मीदवार परीक्षा देंगे? स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संशोधित व्यवस्था में उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र के लिए तीन राज्यों की प्राथमिकता देनी होगी। इसमें उनका पत्राचार वाला राज्य पहली और अनिवार्य प्राथमिकता होगा। इससे अधिकतर उम्मीदवारों को उनके निवास स्थान के नजदीक परीक्षा केंद्र मिलने की संभावना बढ़ेगी। इसके अलावा 30 अगस्त को होने वाली परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले ही उम्मीदवारों को उनके परीक्षा शहर की जानकारी दे दी जाएगी। इससे उन्हें यात्रा और होटल जैसी व्यवस्थाएं करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव किया है। अब परीक्षा में 180 प्रश्न होंगे, जिन्हें हल करने के लिए 210 मिनट का समय मिलेगा। इससे प्रत्येक प्रश्न के लिए उम्मीदवारों को पहले की तुलना में अधिक समय मिलेगा। हालांकि परीक्षा की कुल अवधि पहले की तरह ही रहेगी। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इस बदलाव से अभ्यर्थियों पर समय का दबाव कम होगा और वे बेहतर तरीके से प्रश्न हल कर सकेंगे।सरकार ने परीक्षा की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की हैं। आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा के दिन आधार आधारित सत्यापन किया जाएगा। यदि किसी उम्मीदवार का फिंगरप्रिंट सत्यापन सफल नहीं होता है तो आईरिस आधारित बायोमेट्रिक जांच की जाएगी। प्रश्नपत्र तैयार करने और परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में कई स्तर की एन्क्रिप्शन तकनीक, …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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