कांग्रेस की गुटबाजी बरकरार: नाराज नेताओं की खामोशी से चुनावी बढ़ी चिंता, हाईकमान की चुप्पी से अटकलें तेज ऐसे में नेताओं की खामोशी पार्टी पर दबाव बढ़ा रही है और विधानसभा चुनाव से पहले इसे कांग्रेस के लिए नुकसान की आशंका के रूप में देखा जा रहा है। शनिवार को पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने फतेहगढ़ साहिब से प्रदेशव्यापी हर बूथ मजबूत अभियान की शुरुआत की। इस दौरान चन्नी गुट के कोई प्रमुख नेता कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी थमने के बजाय और स्पष्ट होती दिख रही है। संगठन में जिन मुद्दों को लेकर वरिष्ठ नेता लंबे समय से नाराज हैं उनमें अब तक कोई बदलाव नहीं हुआ है। हाईकमान ने भी इस विवाद पर सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट रुख नहीं अपनाया है। इसे संगठन के भीतर जारी खींचतान का संकेत माना जा रहा है। बघेल का बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद का यह अभियान आठ अगस्त तक विभिन्न जिलों में चलेगा। इसके बाद वह अपनी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपेंगे। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि नाराज नेताओं की सार्वजनिक चुप्पी भी पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। यदि चुनाव से पहले मतभेद दूर नहीं हुए तो इसका असर संगठन और चुनावी तैयारी दोनों पर पड़ सकता है। चन्नी गुट का दबाव बरकरार पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्य …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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