1 of 11 अनाहत सिंह - फोटो : ANI खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें कुछ कहानियां पदकों से नहीं, फैसलों से लिखी जाती हैं। कुछ खिलाड़ी इतिहास जीतते हैं, लेकिन कुछ इतिहास बदल देते हैं। अनाहत सिंह की कहानी भी ऐसी ही है। आज पूरी दुनिया उन्हें विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन के रूप में जानती है। कनाडा में उन्होंने फाइनल में मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुकय्या सालेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वह विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। इतना ही नहीं, उन्होंने 15 वर्षों से इस प्रतियोगिता पर चले आ रहे मिस्र के एकछत्र राज का भी अंत कर दिया। लेकिन इस चमचमाते स्वर्ण पदक के पीछे एक छोटी-सी बच्ची का सपना छिपा है, जो स्क्वैश कोर्ट पर नहीं, बैडमिंटन कोर्ट पर शुरू हुआ था। History Made! 🇮🇳 Congratulations to Anahat Singh (@Anahat_Singh13) on becoming the first Indian ever to win the World Squash Junior Championship. A phenomenal achievement and a proud moment for every Indian. pic.twitter.com/SfURD0Zg69 — Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) July 25, 2026 इसके साथ ही वह विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। इतना ही नहीं, उन्होंने 15 वर्षों से इस प्रतियोगिता पर चले आ रहे मिस्र के एकछत्र राज का भी अंत कर दिया। लेकिन इस चमचमाते स्वर्ण पदक के पीछे एक छोटी-सी बच्ची का सपना छिपा है, जो स्क्वैश कोर्ट पर नही …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
सपना बैडमिंटन का था, किस्मत ने स्क्वैश थमा दिया...: और 18 साल की अनाहत ने इतिहास लिख दिया, विश्व चैंपियन बनीं
1 of 11 अनाहत सिंह - फोटो : ANI खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें कुछ कहानियां पदकों से नहीं, फैसलों से लिखी जाती हैं। कुछ खिलाड़ी इतिहास जीतते हैं, लेकिन कुछ इतिहास बदल देते हैं। अनाहत सिंह की कहानी भी ऐसी ही है। आज पूरी दुनिया उन्हें विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन के रूप में जानती है। कनाडा में उन्होंने फाइनल में मिस्र की दूसरी वरीयत