1 of 4 मीराबाई चानू - फोटो : PTI/ANI खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें भारत की दिग्गज भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। ग्लास्गो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेलों में मीराबाई चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। यह मीराबाई का राष्ट्रमंडल खेलों में लगातार तीसरा और कुल चौथा पदक है। चानू ने 2014 में रजत, 2018 और 2022 में स्वर्ण पदक जीता था। अब उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक की हैट्रिक लगाई है। मणिपुर में पैदा हुईं मीराबाई बचपन में तीरंदाज बनना चाहती थीं, लेकिन भारोत्तोलन में आ गईं। इसके पीछे की कहानी काफी रोचक है। 2 of 4 पोडियम पर मीराबाई चानू - फोटो : PTI स्वर्ण पदक की लगाई हैट्रिक स्टार भारोत्तोलक साइखोम मीराबाई चानू ने रविवार को ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्ड वजन उठाते हुए महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग का खिताब जीतकर भारत के स्वर्ण पदक का खाता खोल दिया। मीराबाई ने स्नैच में 85 किलोग्राम वजन उठाया जो राष्ट्रमंडल और राष्ट्रमंडल खेलों दोनों का नया रिकॉर्ड है। इसके बाद उन्होंने क्लीन एंव जर्क में 105 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों का एक और नया रिकॉर्ड बनाया। इस तरह उन्होंने कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह राष्ट्रमंडल खेलों में मीराबाई का लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है। टोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता मीराबाई ने ग्लास्गो में 2014 राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक हासिल किया था। 3 of 4 मीराबाई चानू - …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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