डूंगरपुर में जुलाई के तीसरे सप्ताह में एक बालिका की मौत के बाद अब सिरोही जिले में भी चांदीपुरा वायरस से एक बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद यह सवाल उठने लगा है कि राजस्थान और गुजरात के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ही यह वायरस अधिक क्यों दिखाई दे रहा है। हालांकि इस संबंध में दोनों राज्यों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अभी तक कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। घर-घर चल रहा सर्वे गांवों में निगरानी कर रही स्वास्थ्य विभाग की टीमें विशेष सर्वे और जांच अभियान शुरू डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा उपखंड स्थित रतनपुरा गांव की एक बच्ची की 15 जुलाई को मौत हो गई थी। बाद में उसकी मौत का कारण चांदीपुरा वायरस संक्रमण बताया गया। अब सिरोही जिले में भी एक बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। इससे पहले गुजरात के गांधीनगर, साबरकांठा, खेड़ा, अरावली और पंचमहल जिलों में भी इस वायरस के मामले सामने आ चुके हैं।राजस्थान में वर्ष 2026 में चांदीपुरा वायरस संक्रमण का पहला मामला डूंगरपुर जिले में सामने आया। रतनपुरा गांव की बच्ची को 12 जुलाई को तेज बुखार और अन्य गंभीर लक्षणों के बाद गुजरात के हिम्मतनगर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 15 जुलाई को उसके नमूने जांच के लिए भेजे गए, लेकिन उसी दिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई और परिजन शव लेकर गांव लौट आए।उस समय स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को इस मामले की जानकारी नहीं मिल सकी। बाद में हिम्मतनगर अस्पताल ने जांच संबंधी जानकारी गुजरात स्वास्थ्य विभाग को भेजी। मरीज के डूंगरपुर निवासी होने के कारण गुजरात सरकार ने यह सूचना राजस्थान स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई। 18 जुलाई को सूचना मि …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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