सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की कोई याचिका दाखिल नहीं हुई थी। अदालत के पास सिर्फ एक चिट्ठी पहुंची थी। सीजेआई ने गलत खबरें चलाने पर मीडिया को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि बिना याचिका केवल वीडियो दिखाकर सुनवाई नहीं हो सकती। मामला 20 जुलाई को NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ा है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में मामलों की सुनवाई शुरू होने से पहले चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने इस मुद्दे का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से इस मामले में गलत खबरें चलाई जा रही हैं। सीजेआई ने कहा, ‘आज सुबह 10 बजे तक इस मामले में कोर्ट के पास एक भी याचिका नहीं आई थी। हमारे पास सिर्फ एक चिट्ठी आई थी। केवल चिट्ठी के आधार पर किसी मामले की सुनवाई नहीं हो सकती। जब याचिका ही नहीं है, तो यह कैसे कहा जा सकता है कि कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया?‘मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि मीडिया को बिना पूरी जानकारी के खबर नहीं चलानी चाहिए। अदालत में हर मामले की एक तय कानूनी प्रक्रिया होती है और उसी के अनुसार काम किया जाता है।इससे पहले एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में 20 जुलाई को छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मामला उठाया था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों के साथ मारपीट की और उनके पास इसके वीडियो भी हैं। वकील ने कोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग की। लेकिन कोर्ट ने कहा कि सिर्फ वीडियो दिखाने से मामला नहीं सुना जा सकता। पहले नियम के अनुसार याचिका दाखिल करनी होगी। अदालत ने यह भी कहा कि वह इस तरह सीधे वीडियो देखकर फैसला नहीं करेगी।20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र संसद की ओर मार्च कर रहे थे। छात्र NEET पेपर लीक …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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