1 of 7 सोनम वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो - फोटो : अमर उजाला खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें लद्दाख के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने रविवार को केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति को जंतर-मंतर से जबरन हटाने के बाद सफदरजंग अस्पताल में ‘अवैध हिरासत’ में रखा गया है। आंग्मो ने आरोप लगाया कि परिवार को यह चुनने क मौलिक अधिकार से भी वंचित किया जा रहा है कि वे अपने मरीज का इलाज किस अस्पताल में कराना चाहते हैं। 2 of 7 गीतांजलि जे. आंग्मो - फोटो : PTI निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग सफदरजंग अस्पताल के बाहर बातचीत करते हुए गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि हम सिर्फ उन्हें मेदांता या अपनी पसंद के किसी अन्य निजी अस्पताल में शिफ्ट करना चाहते थे, जहां हम सहज महसूस कर सकें। यह भारत में एक नागरिक का मौलिक अधिकार है। आपको किसी खास डॉक्टर या अस्पताल से ही इलाज कराने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। 3 of 7 गीतांजलि जे. आंग्मो - फोटो : PTI मैं यहां अपने पति को रखना नहीं चाहती उन्होंने कहा कि सरकार जिस तरह से वांगचुक के इलाज को संभाल रही है, उसे लेकर एक बड़ा ‘विश्वास का संकट’ पैदा हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ब्लड सैंपल की रिपोर्ट देने में उन्हें 10 घंटे का समय लगा। इसके अलावा, जिस अस्पताल में इतनी भारी पुलिस तैनाती और वॉटर कैनन मौजूद हों, वहां वे अपने पति को नहीं रखना चाहतीं। 4 of …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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