ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को ‘कभी न भूलने वाला सबक’ सिखाने की चेतावनी दी है। खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दस्तखत को पूरी तरह अमान्य और रद्दी बताया है। एक महीने पहले हुआ शांति समझौता अब ईरान की तरफ से पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अमेरिकी सेना ने लगातार सातवीं रात ईरान के खुफिया ठिकानों और हथियार डिपो पर बमबारी की है। कुवैत के वाटर प्लांट पर दो दिनों के भीतर यह दूसरा बड़ा मिसाइल हमला हुआ है। इराक की सेना ने अपने इरबिल शहर के ऊपर उड़ रहे आत्मघाती ड्रोनों को मार गिराया है। जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी सीमा में कई ईरानी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया है। इस युद्ध को रोकने के लिए करीब एक महीने पहले एक समझौता हुआ था। लेकिन क्या वह समझौता अब पूरी तरह खत्म हो चुका है? ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टीवी पर इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने समझौते की शर्तों को तोड़ा है। इसीलिए ईरान अब इस समझौते की कोई भी बात नहीं मानेगा। इस एलान के बाद पूरे इलाके में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अब होर्मुज जलमार्ग पर कब्जे की जंग तेज हो गई है। इसी रास्ते से दुनिया का पांचवां हिस्सा कच्चा तेल आता-जाता था। अमेरिकी सेना भी लगातार सात रातों से ईरान के हथियारों के गुप्त भंडारों पर बम बरसा रही है।शनिवार को हुए मिसाइल हमलों से सबसे ज्यादा नुकसान कुवैत को हुआ है। ईरान की मिसाइलों ने कुवैत के एक बड़े तेल कारखाने और खारे पानी को साफ करने वाले प्लांट को निशाना बनाया है। कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के मुताबिक, तेल कारखाने में कई लोग घायल हुए हैं। पानी के प्लांट में भीषण आग लग गई है। इस वजह से वहां ब …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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