यह नियम संघीय रजिस्टर में प्रकाशित होने के 60 दिन बाद लागू होगा। हालांकि, इसे लागू होने से पहले अमेरिकी कांग्रेस की समीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा। जनवरी 2025 में पदभार संभालने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध और कानूनी दोनों तरह के आव्रजन पर सख्ती बढ़ाई है। उनके प्रशासन ने विदेशी छात्रों के वीजा और ग्रीन कार्ड रद्द किए हैं। साथ ही वैचारिक विचारों के आधार पर विश्वविद्यालयों के कुछ छात्रों पर कार्रवाई की है। इसके अलावा, लाखों प्रवासियों का कानूनी दर्जा भी समाप्त किया गया है।नए नियमों के तहत छात्र (जिनमें भारतीय भी शामिल हैं) और एक्सचेंज वीजा की अवधि अधिकतम चार वर्ष होगी। वहीं, विदेशी पत्रकारों के लिए आई वीजा, जो अभी कई वर्षों तक वैध रह सकता है, अब अधिकतम 240 दिनों के लिए दिया जाएगा। चीनी नागरिकों के मामले में इसकी अधिकतम अवधि 90 दिन होगी। हालांकि, वीजा धारकों को अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन करने की अनुमति होगी।अगस्त में चीन के विदेश मंत्रालय ने चीनी पत्रकारों के लिए प्रस्तावित नए नियमों का विरोध करते हुए उन्हें भेदभावपूर्ण बताया था। गुरुवार को इस संबंध में चीनी दूतावास की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।नए नियमों के अनुसार, स्नातकोत्तर (ग्रेजुएट) छात्रों को बिना अनुमति अपने शैक्षणिक उद्देश्य बदलने या किसी अन्य संस्थान में स्थानांतरण की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, पढ़ाई या प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अमेरिका छोड़ने के लिए मिलने वाली अवधि 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी जाएगी।अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के पूर्व अधिकारी डग रैंड ने कहा, “ज्यादातर अमेरिकी समझते हैं कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों का स्वागत करना और अनावश्यक लालफीताशाही को खत्म करना कितन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
ट्रंप प्रशासन ने बदले वीजा नियम: भारतीय छात्रों पर पड़ेगा क्या असर? चीनी नागरिकों को भी दिया बड़ा झटका
यह नियम संघीय रजिस्टर में प्रकाशित होने के 60 दिन बाद लागू होगा। हालांकि, इसे लागू होने से पहले अमेरिकी कांग्रेस की समीक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा। जनवरी 2025 में पदभार संभालने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध और कानूनी दोनों तरह के आव्रजन पर सख्ती बढ़ाई है। उनके प्रशासन ने विदेशी छात्रों के वीजा और ग्रीन कार्ड रद्द किए हैं। साथ ही वैचारिक विचारों के आधार पर विश्वविद्यालयों के कुछ छात्रों पर कार्रवाई की है। इसके अलावा, लाखों प्रवासियों का कानूनी दर्जा भी समाप्त किया गया है।नए नियमों के