पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के टूटने के बाद दोनों देशों के बीच फिर से हमले तेज हो गए हैं। इसी मामले को लेकर ट्रंप ने यह बयान दिया। वह पेनसिल्वेनिया डिफेंस एंड इनोवेशन समिट में हिस्सा लेने के लिए वहां पहुंचे थे।जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्होंने ईरान के भीतर नागरिक परिसंपत्तियों पर हमले शुरू करने से पहले तेहरान को कोई अंतिम समयसीमा दी थी, तो उन्होंने कहा, “मुझे समयसीमा तय करना पसंद नहीं है, लेकिन उन्हें लगभग सब कुछ पता है। उन्हें पूरी कहानी मालूम है। उन्हें ठीक से व्यवहार करना होगा।“मंगलवार को फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान बातचीत की मेज पर वापस नहीं लौटता है तो अमेरिका अगले सप्ताह से उसके बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाना शुरू कर देगा। उन्होंने कहा था कि अगर तेहरान वॉशिंगटन के साथ समझौता नहीं करता है तो उसके पास “कोई नहीं बचेगा।“ट्रंप ने कहा था, “हम कल रात उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे। उसके अगले दिन भी हमला करेंगे। फिर अगले सप्ताह उनके लिए हालात और खराब हो जाएंगे, क्योंकि अगले सप्ताह बिजली संयंत्रों की बारी होगी। अगले सप्ताह पुलों की बारी होगी। हम उनके सभी बिजली संयंत्रों को निष्क्रिय कर देंगे। हम उनके सभी पुलों को तबाह कर देंगे, जब तक कि वे बातचीत की मेज पर आकर वार्ता नहीं करते।“ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में संघर्ष समाप्त करने के लिए वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुआ समझौता विफल हो चुका है। वहीं, अमेरिका के सैन्य हमले लगातार जारी हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच संपर्क अभी भी बना हुआ है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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