इस बीच जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि क्या पुलों पर बमबारी करने से पहले उन्होंने ईरान को कोई डेडलाइन दी है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘मुझे डेडलाइन देना पसंद नहीं है, लेकिन उन्हें काफी हद तक पता है, वे पूरी बात जानते हैं। उन्हें बेहतर ढंग से पेश आना चाहिए।‘ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने इराक की सीमा के पास स्थित अहवाज शहर में धमाकों की आवाज़ सुनाई देने की खबर दी है। इस महीने तनाव फिर से शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने कई बार अहवाज को निशाना बनाया है।अमेरिकी रक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, इन ताजा हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को नेस्तनाबूद करना है, जिनका इस्तेमाल वह अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों को डराने और धमकाने के लिए करता रहा है। विशेष रूप से होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को बाधित करने के ईरानी प्रयासों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने वाली किसी भी हिमाकत के लिए सीधे ईरान को ही जिम्मेदार ठहरा रहा है।होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया भर का करीब एक-तिहाई कच्चे तेल का व्यापार होता है। ऐसे में अमेरिका के इस दूसरे दौर के हमलों के बाद इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। अगर ईरान इस हमले का जवाबी पलटवार करता है, तो खाड़ी देशों में एक नया युद्ध छिड़ सकता है, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। अमेरिकी सेना फिलहाल ईरान की हरकतों पर पैनी नजर रखे हुए है और जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
हवाई हमलों का दूसरा दौर शुरू: US ने ईरान के सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना, ट्रंप बोले- डेडलाइन देना पसंद नहीं
इस बीच जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा गया कि क्या पुलों पर बमबारी करने से पहले उन्होंने ईरान को कोई डेडलाइन दी है, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मुझे डेडलाइन देना पसंद नहीं है, लेकिन उन्हें काफी हद तक पता है, वे पूरी बात जानते हैं। उन्हें बेहतर ढंग से पेश आना चाहिए।'ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी ने इराक की सीमा के पास स्थित अहवाज शहर में धमाकों की आवाज़ सुनाई देने की खबर दी है। इस महीने तनाव फिर से शुरू होने के बाद से अमेरिकी सेना ने कई बार अहवाज को निशाना बनाया है।अमेरिकी रक्षा