राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की विस्तृत जांच रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की लापरवाही व निगरानी में नाकामी की पुष्टि हुई है। हालांकि एसआईटी ने स्पष्ट रूप से उनके नाम का जिक्र किए बिना उनकी तरफ इशारा किया है। आपराधिक साजिश में उनकी भूमिका का स्पष्ट जिक्र नहीं है। एसआईटी ने चढ़ावा चोरी के पीछे भर्ती प्रक्रिया और एसओपी के नियमों को बदलकर उन्हें शिथिल करना बड़ी वजह माना है। इसमें अनिल मिश्रा को सबसे अधिक जिम्मेदार ठहराया गया है। कर्मियों की भर्ती को लेकर पारदर्शिता बरती जाए। नियमों के तहत ही भर्ती हो फारिश पर भर्ती न हो। योग्य व्यक्ति चुने जाएं थर्ड पार्टी ऑडिट भी हो। गणनाकर्मियों की ड्यूटी रोटेशन से व एसओपी का पूर्ण पालन हो कंट्रोल रूम पर तैनात प्रभारी व अन्य कर्मी सक्रियता से निगरानी करें एसआईटी को विस्तृत जांच के लिए 15 जुलाई का समय दिया गया था, जिसकी मियाद अब पूरी हो गई है। एसआईटी की रिपोर्ट लगभग तैयार है। कभी भी रिपोर्ट सरकार को सौंपी जा सकती है। प्रारंभिक रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशों में एफआईआर एवं सीईओ की नियुक्ति शामिल थी, जिस पर कार्रवाई जारी है। सूत्रों के मुताबिक विस्तृत जांच में चंपत राय को पूरी तरह क्लीन चिट नहीं दी गई है। उन्हें लापरवाही का दोषी बनाया गया है क्योंकि मंदिर प्रबंधन का पूरा काम वही देख रहे थे। आपराधिक साजिश को लेकर विशेष टिप्पणी नहीं की है। इसकी वजह यह है कि पुलिस की विवेचना जारी है।सूत्रों ने बताया कि दो पहलुओं को एसआईटी ने सबसे अहम माना। इसमें पहला बिंदु भर्ती प्रक्रिया रही, क्योंकि जो गणनाकर्मी जेल गए, वे आउटसोर्स किए गए हाउसकीपिंग वाले थे। उनसे गिनती करवाई जा रही थी। सभी ट्रस्ट के पदाधिकार …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Ram Mandir: चंपत राय की नाकामी पर मुहर, भर्ती प्रक्रिया-नियमों में दी थी ढील; आज सौंपी जा सकती है SIT रिपोर्ट
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की विस्तृत जांच रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की लापरवाही व निगरानी में नाकामी की पुष्टि हुई है। हालांकि एसआईटी ने स्पष्ट रूप से उनके नाम का जिक्र किए बिना उनकी तरफ इशारा किया है। आपराधिक साजिश में उनकी भूमिका का स्पष्ट जिक्र नहीं है। एसआईटी ने चढ़ावा चोरी के पीछे भर्ती प्रक्रिया और एसओपी के नियमों को बदलकर उन्हें शिथिल करना बड़ी वजह माना है। इसमें अनिल मिश्रा को सबसे अधिक जिम्मेदार ठहराया गया है। कर्मियों की भर्ती को लेकर पारदर्शिता बरती जाए