ऑडिट में खुलासे और मंदिर प्रशासन की चुप्पी यह मामला दिसंबर 2021 का है, जब श्रद्धालु राकेश जैन ने मंदिर में 110 ग्राम चांदी का दान दिया था। हालांकि, उस समय स्टॉक रजिस्टर में इसकी प्रविष्टि केवल 11 ग्राम 099 मिलीग्राम के रूप में की गई। विभागीय अंकेक्षण (ऑडिट) के दौरान जब यह विसंगति सामने आई, तो ऑडिट टीम ने मंदिर प्रशासन से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा। रिपोर्ट के अनुसार, अंकेक्षण की प्रक्रिया पूरी होने तक मंदिर प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल इस घटना से यह सवाल उठता है कि आखिर 110 ग्राम चांदी की जगह स्टॉक रजिस्टर में इतनी कम मात्रा किस आधार पर दर्ज की गई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। दान में प्राप्त सामग्री के रिकॉर्ड में इस तरह की बड़ी चूक न केवल श्रद्धालुओं के विश्वास को ठेस पहुंचाती है, बल्कि मंदिर के प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। यह मामला दिसंबर 2021 का है, जब श्रद्धालु राकेश जैन ने मंदिर में 110 ग्राम चांदी का दान दिया था। हालांकि, उस समय स्टॉक रजिस्टर में इसकी प्रविष्टि केवल 11 ग्राम 099 मिलीग्राम के रूप में की गई। विभागीय अंकेक्षण (ऑडिट) के दौरान जब यह विसंगति सामने आई, तो ऑडिट टीम ने मंदिर प्रशासन से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा। रिपोर्ट के अनुसार, अंकेक्षण की प्रक्रिया पूरी होने तक मंदिर प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।इस घटना से यह सवाल उठता है कि आखिर 110 ग्राम चांदी की जगह स्टॉक रजिस्टर में इतनी कम मात्रा किस आधार पर दर्ज की गई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। दान में प्राप्त सामग्री के रिकॉर्ड में इस तरह की बड़ी चूक न केवल श्रद्धालुओं के विश्वास …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Baba Balak Nath Temple: बाबा बालक नाथ मंदिर के चढ़ावे में बड़ा खेल? 99 ग्राम चांदी कर दी गायब; ऐसे हुआ खुलासा
ऑडिट में खुलासे और मंदिर प्रशासन की चुप्पी यह मामला दिसंबर 2021 का है, जब श्रद्धालु राकेश जैन ने मंदिर में 110 ग्राम चांदी का दान दिया था। हालांकि, उस समय स्टॉक रजिस्टर में इसकी प्रविष्टि केवल 11 ग्राम 099 मिलीग्राम के रूप में की गई। विभागीय अंकेक्षण (ऑडिट) के दौरान जब यह विसंगति सामने आई, तो ऑडिट टीम ने मंदिर प्रशासन से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा। रिपोर्ट के अनुसार, अंकेक्षण की प्रक्रिया पूरी होने तक मंदिर प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल इस घटन