रिपोर्ट में बताया गया है कि यह आंदोलन मई 2023 में बिजली की बढ़ती कीमतों और आटे की कमी के विरोध से शुरू हुआ था। इस आंदोलन का नेतृत्व जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने किया, जिसमें व्यापारी, वकील, ट्रांसपोर्टर, छात्र और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल थे। कमेटी ने सरकार के सामने 38 सूत्रीय मांगपत्र रखा था। इसमें सस्ती बिजली, सस्ता आटा, जरूरी सामान पर सब्सिडी और स्थानीय चुनाव व्यवस्था में सुधार जैसी मांगें शामिल थीं।रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों का कहना है कि पीओके में बड़ी मात्रा में जलविद्युत उत्पादन होता है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें महंगी बिजली दी जा रही है। वहीं खाद्य पदार्थों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और जरूरी सामान की कमी भी बनी हुई है। इन समस्याओं के कारण लोगों में लंबे समय से नाराजगी थी, जो अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी है।रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जून 2026 में मुजफ्फराबाद और रावलाकोट जैसे प्रमुख शहरों में पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई। इसमें कई लोगों की मौत और कई अन्य घायल हुए। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने 5 जून को अवामी एक्शन कमेटी पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया। इसके नेताओं पर देशद्रोह के मामले दर्ज किए गए। साथ ही इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गईं तथा अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।रिपोर्ट में कहा गया है कि पीओके में मुस्लिम समुदाय द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन यह दिखाते हैं कि वहां के लोग अब पाकिस्तान को अपना रक्षक नहीं मानते। कई लोग मानते हैं कि पाकिस्तान के बिना उनका भविष्य बेहतर हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
PoK में बढ़ते विरोध ने पाकिस्तान के कश्मीर दावे पर उठाए सवाल: रिपोर्ट में दावा- लोग अब खुलकर उठा रहे हैं आवाज
रिपोर्ट में बताया गया है कि यह आंदोलन मई 2023 में बिजली की बढ़ती कीमतों और आटे की कमी के विरोध से शुरू हुआ था। इस आंदोलन का नेतृत्व जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने किया, जिसमें व्यापारी, वकील, ट्रांसपोर्टर, छात्र और सामाजिक संगठनों के लोग शामिल थे। कमेटी ने सरकार के सामने 38 सूत्रीय मांगपत्र रखा था। इसमें सस्ती बिजली, सस्ता आटा, जरूरी सामान पर सब्सिडी और स्थानीय चुनाव व्यवस्था में सुधार जैसी मांगें शामिल थीं।रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों का कहना है कि पीओके में बड़ी मात्रा में जलविद्युत उत्पादन हो