UP: आयुध निर्माणी में करोड़ों का घोटाला, बांटे फर्जी टेंडर, हवाई यात्रा के टिकट, पत्नियों के खातों में रिश्वत सीबीआई जांच में साफ हुआ है कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच नियमों को ताक पर रखकर करीब 12 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी टेंडर बांटे गए और कारखाने के भीतर के ही कंप्यूटरों का इस्तेमाल कर चहेती कंपनियों को टेंडर दिलाए गए। इसके एवज में अफसरों को लाखों की रिश्वत, दक्षिण कोरिया की हवाई यात्रा के टिकट और उनकी पत्नियों के खातों में मोटी रकम ट्रांसफर की गई। पहली प्राथमिकी 5.67 करोड़ के छद्म कंपनी घोटाला से संबंधित है। बिना किसी तकनीकी योग्यता और फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों के आधार पर मैसर्स एमएसएम एंटरप्राइजेज को 5.67 करोड़ रुपये के कुल 50 टेंडर दे दिए गए। तत्कालीन मुख्य महाप्रबंधक अमित सिंह ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के नियमों का उल्लंघन कर टेंडर की शर्तें बदल दीं। ठेकेदार ने टेंडर डालने के लिए आयुध कारखाने के ही सरकारी कंप्यूटर तंत्र और इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) पते का इस्तेमाल किया। सीबीआई जांच में साफ हुआ है कि वर्ष 2022 से 2025 के बीच नियमों को ताक पर रखकर करीब 12 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी टेंडर बांटे गए और कारखाने के भीतर के ही कंप्यूटरों का इस्तेमाल कर चहेती कंपनियों को टेंडर दिलाए गए। इसके एवज में अफसरों को लाखों की रिश्वत, दक्षिण कोरिया की हवाई यात्रा के टिकट और उन …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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