ईरान ने जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर 10 मिसाइलें दागने का दावा किया। ईरानी मीडिया ने एयर बेस को भारी नुकसान पहुंचने की बात कही। जॉर्डन ने दावा खारिज करते हुए कहा कि सभी मिसाइलें इंटरसेप्ट कर ली गईं। अमेरिकी एयर स्ट्राइक में आईआरजीसी के तीन सदस्यों की मौत के बाद तनाव और बढ़ गया। बहरीन, कुवैत और कतर समेत पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं गहरा गई हैं। ईरानी सरकारी मीडिया आईआरआईबी और अन्य स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, आईआरजीसी ने अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को निशाना बनाते हुए जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर 10 मिसाइलें दागीं। ईरान का दावा है कि हमले में एयर बेस को गंभीर नुकसान पहुंचा।जॉर्डन सरकार ने कहा कि मिसाइल हमले के दौरान पूरे इलाके में अलर्ट सायरन बजाए गए, लेकिन देश की एयर डिफेंस प्रणाली ने सभी मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया। सरकार के अनुसार, एयर बेस को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है और सेना पूरी तरह सतर्क है।इससे पहले अमेरिका ने ईरान के भीतर कई हवाई हमले किए थे। ईरानी समाचार एजेंसी मीजान के अनुसार, इन हमलों में आईआरजीसी के तीन सैन्य कर्मियों की मौत हुई। इसी कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी हमला करने का दावा किया।ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि यदि उस पर हमले जारी रहे तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी निशाने पर होंगे। इसी कड़ी में ईरान ने बहरीन, कुवैत और कतर जैसे देशों पर भी हमला किया है। इन देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पूरे पश्चिम एशिया में हालात पर दुनिया की नजर बनी हुई है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक ओर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को मंजूरी देते नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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