सुले पत्रकारों से बात कर रही थीं। इस दौरान मीडिया ने उनसे एनसीपी के शरद पवार गुट के महायुति के करीब जाने की अटकलों पर सवाल किया। इसमें खासतौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) नेता जयंत पाटिल के बीच कथित बातचीत का जिक्र किया गया। जयंत पाटिल से मुलाकात पर क्या बोलीं सुप्रिया सुले? सुप्रिया सुले ने इस मुलाकात को ज्यादा महत्व नहीं दिया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्हें नहीं पता कि वह खास मुलाकात हुई थी या नहीं। लेकिन उन्होंने कहा कि वह और जयंत पाटिल अक्सर मिलते रहते हैं, क्योंकि दोनों एक ही समिति के सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ पिछले एक महीने में ही उनकी और जयंत पाटिल की 21 बार मुलाकात हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कई नेता उस समिति के हिस्सा हैं, जिसमें उनकी पार्टी के अध्यक्ष भी शामिल हैं। ऐसे में कई नेताओं के साथ नियमित रूप से बैठना सामान्य प्रशासनिक काम का हिस्सा है, इसे राजनीतिक गठजोड़ से जोड़ना सही नहीं है। सत्ता में आने के सवाल पर क्या कहा? जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी जल्द ही सत्ता में दिखाई देगी, तो सुले ने कहा कि उनकी प्राथमिक भूमिका आम लोगों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से लोग इस तरह की अटकलें लगा रहे हैं। अगर मौजूदा सरकार इसी तरह काम करती रही, तो एनसीपी (शरद पवार) और उसके सहयोगियों को मजबूती से लड़ना होगा और सत्ता हासिल करने की कोशिश करनी होगी। उन्होंने कहा कि आगे मौजूदा सरकार क्या करेगी, यह भगवान ही जानता है। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर क्या कहा? सुप्रिया सुले ने सवालों का जवाब मजाकिया अंद …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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