श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावा गणना कक्ष में कथित चोरी के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पहली बार सार्वजनिक हुई है। ट्रस्ट की बैठक में प्रस्तुत इस रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया माना गया है कि चढ़ावा की गणना प्रक्रिया के दौरान चोरी और गबन की घटनाएं हुईं। रिपोर्ट के अनुसार 27 अप्रैल से पहले भी ऐसी अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, लेकिन उस अवधि का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध न होने से वास्तविक नुकसान का आकलन नहीं किया जा सका। एसआईटी के अनुसार आरोपियों के बयान तथा उनके बैंक खातों में आय से अधिक धनराशि मिलने से इन आशंकाओं को बल मिला है। उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में गणना कर्मियों द्वारा करीब 70 बार नोटों की गड्डियां और खुले नोट छिपाने जैसी गतिविधियां दर्ज होने का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में ट्रस्ट, बैंक, गणना कक्ष की निगरानी व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि यह केवल प्रारंभिक जांच रिपोर्ट है और विस्तृत जांच अभी जारी है।रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित सुरक्षा उपायों का प्रभावी पालन न होने से अनियमितताओं की गुंजाइश बनी। प्रवेश और निकास पर तलाशी, निर्धारित वेशभूषा, निजी सामान पर प्रतिबंध, हुंडीवार गणना, मूल्यवर्गवार अभिलेखीकरण तथा प्रभावी निगरानी जैसी व्यवस्थाएं व्यवहार में पूरी तरह लागू नहीं थीं। ट्रस्ट और बैंक के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बावजूद कथित अनियमितताएं होती रहीं।एसआईटी ने बताया कि 20 सितंबर 2024 को ट्रस्ट और बैंक के बीच हुए समझौते में गणना कक्ष में प्रवेश-निकास के लिए सख्त सुरक्षा व्यवस्था तय की गई थी। इसके विपरीत छह फरवरी 2025 को जारी एसओपी में अनिवार्य तलाशी की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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