1 of 17 Ram Mandir Donation Scam - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें Link Copied गणना की जगह सीसीटीवी की जद में है। यह बात आरोपियों को पता थी। जो जानकारी उन्हें नहीं होती थी, वह गणना इंचार्ज सुभाष व टिन्नू यादव से मिल जाती थी। जब ये सभी रकम पार करते थे, तो उस दौरान सभी एक कर्मी को घेरकर खड़े हो जाते थे, ताकि पूरी तरह कैमरे की जद में न आएं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। चोरी की करतूत न खुले, इसलिए आरोपियों ने कई बार सीसीटीवी से छेड़छाड़ की। कंट्रोल रूम में जाकर सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने की कोशिश की और एक-दो बार इसमें सफल भी हुए। हालांकि, पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच में सबूत के तौर पर जितने फुटेज की जरूरत थी, उतने मिल चुके हैं। 2 of 17 राम मंदिर के शिखर पर लहराता ध्वज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी पुलिस की पूछताछ व जुटाए गए साक्ष्यों से पता चला कि आरोपी सबूत मिटाने का प्रयास करते थे, ताकि वह पकड़े न जाएं। इसलिए वह खुद कंट्रोल रूम में कई बार गए और सीसीटीवी से छेड़छाड़ की। यही वजह है कि कंट्रोल प्रभारी व वहां तैनात कर्मी भी सवालों के घेरे में हैं। 3 of 17 राम मंदिर के शिखर पर लहराता ध्वज - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी कंट्रोल रूम प्रभारी आरएमओ अर्जुन देव का तबादला जरूर किया गया, लेकिन उन पर भी कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उनको भनक कैसे नहीं लगी। 4 of 17 राममंदिर का प …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: स्टील की टंकी में काली पन्नी, इस खास जगह होता था रकम का बंटवारा; नए चौंकाने वाले खुलासे
1 of 17 Ram Mandir Donation Scam - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें Link Copied गणना की जगह सीसीटीवी की जद में है। यह बात आरोपियों को पता थी। जो जानकारी उन्हें नहीं होती थी, वह गणना इंचार्ज सुभाष व टिन्नू यादव से मिल जाती थी। जब ये सभी रकम पार करते थे, तो उस दौरान सभी एक कर्मी को घेरकर खड़े हो जाते थे, ताक