अब कांग्रेस हाईकमान का रुख अहम कांग्रेस हाईकमान के पंजाब में पार्टी नेतृत्व को न बदलने के फैसले के बाद चन्नी ने कुछ विधायकों, पूर्व मंत्रियों और पूर्व विधायकों समेत 60 से अधिक नेताओं के साथ शक्ति प्रदर्शन कर हाईकमान को दबाव में लेने की कोशिश की है। हालांकि इसी मसले पर कांग्रेस हाईकमान ने पिछले दिनों पंजाब के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के साथ वन-टू-वन बैठक कर उन्हें नेतृत्व न बदलने के फैसले पर संतुष्ट किया था मगर उसके बावजूद बगावत हो गई। ऐसी स्थिति में अब कांग्रेस हाईकमान का रुख अहम होगा। यदि हाईकमान ने फैसला नहीं बदला तो चन्नी गुट के नेता बड़ा फैसला ले सकते हैं और ऐसे में भाजपा इस पूरे प्रकरण में अपना सियासी फायदा उठाने में चूकेगी नहीं। हाईकमान पीछे नहीं हटेगा : वैद पंजाब में 16 में से 5 विधायक ही पूर्व सीएम चन्नी की बैठक में पहुंचे। सात सांसदों में से चन्नी और वड़िंग को छोड़ दिया जाए तो अन्य पांच सांसदों ने भी इस बैठक से दूरी बनाए रखी। इसी तरह कई पूर्व विधायक और अन्य पूर्व मंत्री, सांसद व अन्य नेता भी चन्नी की बैठक में नहीं गए। इन सभी नेताओं का मौन हाईकमान के साथ खड़े रहने का इशारा कर रहा है। पंजाब कांग्रेस के एससी विंग के अध्यक्ष व पूर्व विधायक कुलदीप वैद कहते हैं कि यह घटनाक्रम बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि किसी को हाईकमान के फैसले पर ऐतराज था तो केंद्रीय नेतृत्व से मिलकर वहां अपनी बात रखी जा सकती थी। चन्नी समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में तो फैसले पर सहमति जताई थी तो अब अचानक क्या हो गया। वैद कहते हैं कि इस पूरे प्रकरण में कौन, किसके लिए क्या रोल प्ले कर रहा है, हाईकमान सब जानता है। उनके अनुसार हाईकमान न तो कमजोर है न ही पीछे हटने वाला है। यह प्रेशर पाॅलिटिक्स उच …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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