विपक्षी दलों ने सीजेआई को लिखे पत्र में क्या कहा? विपक्षी दलों के कई नेताओं ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने कहा कि जब संस्थागत व्यवस्था विफल हो जाती है, तो लोकतंत्र अराजकता में बदल जाता है और जब न्यायपालिका विफल हो जाती है, तो यह गणतंत्र के पूरी तरह टूटने का संकेत देता है। इन दलों ने आग्रह किया कि पूरी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को रोक दिया जाए और ऐसे समय में शुरू की जाए, जब अगले विधानसभा चुनाव कम से कम पांच साल दूर हो। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के कथित तौर पर गलत इस्तेमाल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, जहां जरूरी हो, वहां मतपत्रों को फिर से शुरू करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। चुनावी लोकतंत्र को मोदी-शाह से खतरा: कांग्रेस कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर एक पोस्ट में सीजेआई को लिखे इस पत्र को साझा किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की यह जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि अन्याय न हो और चुनावों की निष्पक्षता बनी रहे। उन्होंने कहा, हमारे देश के चुनावी लोकतंत्र को मोदी-शाह सरकार से सबसे गंभीर खतरा है। वेणुगोपाल ने कहा कि 28 जून को 24 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने सीजेआई को पत्र लिखकर गलत एसआईआर प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग की पक्षपाती भूमिका और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह हमारी न्यायपालिका की जिम्मेदारी है कि वह लोकतंत्र को कार्यपालिका की मनमानी से बचाए, खासकर तब जब वह उस सांविधानिक ढांचे को ही खत्म करने पर अमादा हो, जिससे हमें हमारा लोकतंत्र मिला है। ये भी पढ़ें: पोस्ट में उन्होंने कहा, हमारे लोकतंत्र में सुप्र …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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