कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने अमर उजाला के विशेष पॉडकास्ट अनम्यूट भारत में केंद्र सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले के साथ ही राहुल गांधी की सियासत के पन्ने भी खोले। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवाद पर जयराम रमेश ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए बना ट्रस्ट पूरी तरह सरकार की निगरानी में बना। आरएसएस को इसकी पूरी जानकारी थी। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की आंखों के सामने यह घोटाला हुआ। उन्होंने पूरे प्रकरण की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग की और सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री हर विषय पर मन की बात करते हैं, तो इस मुद्दे पर चुप क्यों हैं।पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए जयराम ने कहा, भाजपा 400 पार तो दूर, अपने दम पर बहुमत भी हासिल नहीं कर सकी। उनके मुताबिक 2024 में भाजपा को सिर्फ 240 सीटें मिलीं और सरकार सहयोगी दलों के सहारे चल रही है। इसलिए मोदी आज माइनॉरिटी पीएम हैं। प्रधानमंत्री खुद की तुलना पंडित जवाहरलाल नेहरू से करते हैं, जबकि नेहरू हर बार स्पष्ट बहुमत से जीते थे। इसके विपरीत मोदी चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार के समर्थन पर निर्भर हैं। रमेश का आरोप है कि 17 अप्रैल को सरकार दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा सकी। अब विपक्षी दलों को तोड़कर उस कमी को पूरा करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना में टूट का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसके बावजूद भाजपा लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत से अभी भी दूर है।चुनावी प्रक्रिया पर कांग्रेस का अब तक का सबसे बड़ा हमला करते हुए जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा की पूरी रणनीति बदल ग …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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