1 of 19 Ram Mandir Donation Scam - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें Link Copied महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि गोपाल राव को निर्माण कार्य में सहयोग के लिए लाया गया था, लेकिन अब उनकी भूमिका उचित नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि गोपाल राव बाहरी व्यक्ति हैं और वैष्णव परंपरा को ठीक से नहीं जानते, जबकि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय परंपरा और मंदिर की व्यवस्था से भली-भांति परिचित हैं। महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि गोपाल राव को निर्माण कार्य में सहयोग के लिए लाया गया था, लेकिन अब उनकी भूमिका उचित नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि गोपाल राव बाहरी व्यक्ति हैं और वैष्णव परंपरा को ठीक से नहीं जानते, जबकि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय परंपरा और मंदिर की व्यवस्था से भली-भांति परिचित हैं। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवालों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अमर उजाला से बात करते हुए आरोप लगाया कि राम मंदिर की व्यवस्थाएं गोपाल राव के आने के बाद बिगड़ी हैं और उन्हें मंदिर की व्यवस्थाओं से अलग किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि गोपाल राव ट्रस्ट के सदस्य नहीं हैं, इसके बावजूद व्यवस्थाओं में उनकी व्यापक दखल है। 2 of 19 अयोध्या का राम मंदिर। - फोटो : amar ujala उनके अनुसार ट्रस्ट में पहले से अनुभवी और सक्षम लोग मौजूद हैं, इसलिए बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
राम मंदिर चंदा चोरी: 'गोपाल के आने से बिगड़ी व्यवस्था, ट्रस्ट के सदस्य नहीं हैं, फिर भी...'; एक और नया खुलासा
1 of 19 Ram Mandir Donation Scam - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें यह खबर एप पर पढ़ें या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो देखें संक्षिप्त देखें लोड हो रहा है अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो लॉगिन करें Link Copied महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि गोपाल राव को निर्माण कार्य में सहयोग के लिए लाया गया था, लेकिन अब उनकी भूमिका उचित नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि गोपाल राव बाहरी व्यक्ति हैं और वैष्णव परंपरा को ठीक से नहीं जानते, जबकि ट्रस्ट के महा