ईंधन की कमी रूस के 11 समय क्षेत्रों तक फैल गई है। इसके चलते कई जगह पेट्रोल की राशनिंग करनी पड़ रही है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और पेट्रोल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं। क्रेमलिन ने एक दिन पहले कहा था कि वह उचित कीमतों पर ईंधन आयात करने के लिए कई देशों के साथ बातचीत कर रहा है।उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि भारत से अब तक कम से कम 60,000 मीट्रिक टन पेट्रोल रूस भेजा जा चुका है। एक अन्य सूत्र के अनुसार, 30,000 से 40,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले दो कार्गो रूस के लिए रवाना किए गए हैं। एक तीसरे सूत्र ने बताया कि रूस की योजना भारत समेत कई देशों से हर महीने कुल चार लाख टन पेट्रोल आयात करने की है। इनमें पड़ोसी देश बेलारूस भी शामिल है, जो पहले से ही रूस को ईंधन की आपूर्ति कर रहा है।गर्मियों के दौरान रूस में पेट्रोल की दैनिक खपत कम से कम 1,10,000 टन रहती है। इस मौसम में ईंधन की मांग आमतौर पर सबसे अधिक होती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि भारत की कौन-सी रिफाइनरी रूस को पेट्रोल की आपूर्ति कर रही है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बीते रविवार को सरकारी मंत्रियों और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान स्वीकार किया था कि यूक्रेन के ड्रोन हमलों के कारण रूस की तेल रिफाइनरियों को नुकसान पहुंचा है, जिससे कुछ क्षेत्रों में ईंधन की कमी पैदा हुई है।हालांकि, उन्होंने कहा था कि इस स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। रॉयटर्स के सूत्रों के अनुसार, बेलारूस ने रेल मार्ग से रूस को पेट्रोल की आपूर्ति में तेज बढ़ोतरी की है। जून के पहले पखवाड़े में यह आपूर्ति 70,000 टन से अधिक रही, जो मई के पहले पखवाड़े की तुलना में लगभग तीन गुना ह …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
मुश्किल वक्त में रूस को याद आया पुराना दोस्त: भारत से कर रहा पेट्रोल की खरीद, यूक्रेन ने कैसे किया नुकसान?
ईंधन की कमी रूस के 11 समय क्षेत्रों तक फैल गई है। इसके चलते कई जगह पेट्रोल की राशनिंग करनी पड़ रही है। पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और पेट्रोल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई हैं। क्रेमलिन ने एक दिन पहले कहा था कि वह उचित कीमतों पर ईंधन आयात करने के लिए कई देशों के साथ बातचीत कर रहा है।उद्योग से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि भारत से अब तक कम से कम 60,000 मीट्रिक टन पेट्रोल रूस भेजा जा चुका है। एक अन्य सूत्र के अनुसार, 30,000 से 40,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले दो कार्गो रूस के लिए रवाना