शिवसेना विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर बुधवार को महाराष्ट्र विधान परिषद के उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचित हुए। संसदीय कार्य मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने विपक्ष से अपना नामांकन वापस लेने का अनुरोध किया, जिसके बाद विपक्षी उम्मीदवार ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद सदन में एक प्रस्ताव पारित किया गया और सचिन अहीर को सर्वसम्मति से महाराष्ट्र विधान परिषद का उपाध्यक्ष चुना गया। कब था चुनाव? महाराष्ट्र विधान परिषद में उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव आज दोपहर 1 बजे हुआ। महायुति शिवसेना (शिंदे गुट) के एमएलसी सचिन अहीर और महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के एमएलसी जेएम अभ्यंकर (ठाकरे गुट) के खिलाफ चुनाव लड़ रही थी। एकनाथ शिंदे ने सचिन अहीर के पार्टी में शामिल होने और उम्मीदवारी को पूरी तरह गुप्त रखा। हालांकि, अंतिम समय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, चंद्रकांत पाटिल और नीलम गोरहे की उपस्थिति में सचिन अहीर का नामांकन दाखिल किया गया। मंत्री संजय शिरसात ने क्या बताया? इस घटनाक्रम का स्वागत करते हुए महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसात ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के भीतर आंतरिक कलह की अफवाहों को खारिज कर दिया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘हम सभी ने सचिन अहीर के आगमन का स्वागत किया है, जो हमारे हित में हुआ है। इससे कोई नाराज नहीं है। ये सब सिर्फ अफवाहें हैं। चाहे बात मंत्रिमंडल के विस्तार की हो या उपसभापति पद की, हर किसी की ऐसी आकांक्षाएं होती हैं, हालांकि सबकी आकांक्षाएं पूरी नहीं होतीं, इसलिए कभी-कभी असंतोष देखने को मिलता है। एकनाथ शिंदे इन आकांक्षाओं को पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे।’ सचिन अहीर …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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