Explainer: छह दिन, पांच शहर और 3000 KM की अंतिम यात्रा, 131 दिन बाद ऐसे सुपुर्द-ए-खाक किए जाएंगे खामेनेई ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा और उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की प्रक्रिया चार महीने तक शुरू क्यों नहीं की गई? अब ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर को दफनाने की प्रक्रिया को कैसे शुरू किया जाएगा? इसमें छह दिन का समय क्यों लगेगा? खामेनेई की अंतिम यात्रा कहां-कहां से गुजरेगी और इसमें कितने लोगों के जुटने की संभावना है? इस पूरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी कौन उठा रहा है और इसे लेकर तैयारियां कैसे की गई हैं? क्या अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई सुप्रीम लीडर बनने के बाद पहली बार अपने पिता की अंतिम यात्रा में नजर आएंगे? आइये जानते हैं… 28 फरवरी को अमेरिका और इस्राइल ने तेहरान में एक भूमिगत ठिकाने पर सीधा हमला कर ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की हत्या कर दी थी। उस घटना को अब चार महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन खामेनेई का न तो अब तक जनाजा निकाला गया है और न ही उन्हें सुपुर्द-ए-खाक ही किया जा सका है। ईरानी शासन ने हाल ही में उनकी अंतिम यात्रा के लिए 4 जुलाई से 9 जुलाई तक का कार्यक्रम तय किया था। इसके लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया गया है। तीन महीने क्यों अटकी खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किए जान …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)
Explainer: छह दिन, पांच शहर और 3000 KM की अंतिम यात्रा, 131 दिन बाद ऐसे सुपुर्द-ए-खाक किए जाएंगे खामेनेई
Explainer: छह दिन, पांच शहर और 3000 KM की अंतिम यात्रा, 131 दिन बाद ऐसे सुपुर्द-ए-खाक किए जाएंगे खामेनेई ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा और उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की प्रक्रिया चार महीने तक शुरू क्यों नहीं की गई? अब ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर को दफनाने की प्रक्रिया को कैसे शुरू किया जाएगा? इसमें छह दिन का समय क्यों लगेगा? खामेनेई की अंतिम यात्रा कहां-कहां से गुजरेगी और इसमें कितने लोगों के जुटने की संभावना है? इस पूरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी कौन उठा रह