केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। पुलिस ने रविवार को दावा किया कि सिया गोयल का बैठना केवल कथित प्रेमी चेतन चौधरी को धक्का देने का संकेत नहीं था, बल्कि यह उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी सोची-समझी योजना का हिस्सा था। वहीं चेतन ने पुलिस से बचने के लिए वारदात वाले दिन कार की जगह स्कूटर का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने रविवार को बताया कि केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल का घटनास्थल वाली जगह पर बैठना, केवल अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी को केतन को लोहागढ़ किले से नीचे धकेलने का इशारा नहीं था, बल्कि यह पक्का करना भी था कि गिरते समय वह केतन की पहुंच से दूर रहे।पुलिस के अनुसार, योजना के तहत सिया को पानी पीने या जूते के फीते बांधने का बहाना बनाकर बैठना था। यही चेतन के लिए संकेत था कि वह मौके पर पहुंचकर अनजान केतन को चट्टान से धक्का दे देगा। उन्होंने योजना को बखूबी अंजाम भी दिया। अधिकारी के मुताबिक, दोनों ने योजना के अनुसार वारदात को अंजाम दिया। जांच अधिकारियों ने बताया कि बैठने का संकेत इसलिए चुना गया था ताकि धक्का दिए जाने के दौरान सिया, केतन की पहुंच से दूर रहे। उन्हें आशंका थी कि यदि धक्का लगने के बाद केतन गिरते समय सिया को पकड़ने की कोशिश करता, तो वह भी खाई में गिर सकती थी। इसलिए पूरी योजना उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर बनाई गई थी।सह-आरोपी चौधरी ने भी 18 जून को गोयल और अग्रवाल का पीछा करते समय अपनी मौजूदगी छिपाने का पूरा ध्यान रखा था। पुलिस ने बताया कि उसने जानबूझकर पुणे से लोहागढ़ किले तक (लगभग 90 किमी की दूरी) कार के बजाय स्कूटर से यात्रा की। जांच अधिकारियों का कहना है कि उसने टोल प्लाजा पर कार की पहचान होने की …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें