राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने आरोपियों की संपत्तियों समेत अन्य रहन-सहन संबंधी ब्योरा जुटाया है। मंदिर की नौकरी लगने के बाद कईयों की हैसियत 50 से लेकर 100 गुना तक बढ़ी पाई गई। इसी को एसआईटी ने आधार बनाकर तफ्तीश आगे बढ़ाई है। आरोपियों के अलावा ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भी संपत्तियां अचानक बढ़ी हैं। ये सभी जांच के दायरे में आ गए हैं। अब तक पुलिस ने जो कार्रवाई की है, वह एसआईटी की रिपोर्ट पर ही की है। वहीं, एसआईटी ने जो रिपोर्ट तैयार की, उसमें सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को शामिल किया है, जिससे आरोपियों की पहचान की गई है। वहीं, एसआईटी ने सभी आरोपियों की संपत्तियों की भी डिटेल जुटाई है, जिसमें टिन्नू, अनुकल्प, लवकुश और सुभाष की हैसियत से अधिक संपत्ति मिली। वहीं, उनकी लाइफस्टाइल में भी पूरी तरह बदलाव आया। जिसके पुख्ता सुबूत मिले हैं। टिन्नू व कुछ ट्रस्ट के पदाधिकारियों की संपत्ति 100 गुना तक बढ़ी। किसी ने जमीन, प्लॉट आदि खरीदे तो किसी ने हॉस्टल आदि का निर्माण कराया। खासकर ये संपत्तियां मंदिर से जुड़ने के बाद बनाई गईं। इससे स्पष्ट है कि गबन में उनकी बड़ी भूमिका रही।मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। मंदिर प्रबंधन ने जिन कर्मचारियों को नौकरी पर रखा, उनका पुलिस सत्यापन तक नहीं कराया जाता था। ये सीधे तौर पर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने अपनी जांच में इस तथ्य को गंभीरता से शामिल किया है। इसमें सुधार के निर्देश दिए गए हैं।राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था बेहद अहम है। यह देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में से एक है। यही वजह है कि कई स्तर की सुरक्षा व्यवस्था है। जब एसआईटी ने जांच …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

मूल लेख स्रोत पर पढ़ें