सभी आरोपियों को भेजा गया जेल सभी आरोपियों को बृहस्पतिवार रात लगभग आठ बजे पुलिस ने कस्टडी में लेकर पूछताछ की और रात भर चली पूछताछ के आधार पर 79.85 लाख रुपये बरामद किए। शुक्रवार दोपहर आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के बाद शाम लगभग 4.00 बजे कचहरी ले जाया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं, शुक्रवार को दिनभर चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की खबर हवा में तैरती रही लेकिन ट्रस्ट की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई। बैंक अधिकारियों समेत कई और लोगों के नाम सामने आए सूत्रों के अनुसार, दान राशि की गणना प्रक्रिया में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जांच में उनकी संभावित संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है। इसी आधार पर मुकदमे में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। बताया जा रहा है कि दो बैंक अधिकारियों और तीन-चार कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है। पुलिस उनके बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है। वहीं, केस की विवेचना सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी को दी गई है। विवेचक सोमवार को आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दे सकते हैं। रिमांड पर आरोपियों को लेकर पुलिस पूछताछ करेगी, जिससे और खुलासा होने की संभावना है। कई और नाम उजागर हो सकते हैं। चंपत और अनिल की भूमिका जांच जारी चंपत राय और अनिल मिश्रा की भूमिका पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विहिप के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी एक बयान में कहा है कि दो ट्रस्टियों पर आरोप हैं। इस तरह दोनों पर काफी दबाव है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस भी अब इनकी भूमिका की जांच कर रही है। क्योंकि टिन्नू चंपत का करीबी था और अनुकल्प व लवलेश, अनिल मिश्रा के रिश्तेदार हैं। इसलिए संलिप्तता को …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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