टैंकर पर हमला: शनिवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर हमला हुआ, जिससे उसके ब्रिज को नुकसान पहुंचा है, हालांकि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं। 10 दिन में टूटा समझौता: चार महीने पुराने युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच महज 10 दिन पहले ही अंतरिम शांति समझौता हुआ था। चेतावनी भरे शॉट: ईरान की सेना ने नियमों का उल्लंघन करने वाले अज्ञात जहाजों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां दागीं और ईरानी परमिट अनिवार्य करने की कोशिश की। सहयोगी देशों पर असर: ईरान ने सिरीक बंदरगाह पर अमेरिकी हमले के जवाब में बहरीन पर ड्रोन हमला किया, जहां अमेरिकी नौसेना का क्षेत्रीय मुख्यालय है। तेल बाजारों पर मंडराया खतरा: दो हफ्तों से जलमार्ग खुलने के कारण तेल की कीमतें प्री-वॉर लेवल पर आ गई थीं, लेकिन इस ताजा टकराव से बाजार बंद होने के कारण फिलहाल कीमतें स्थिर हैं। इस ताजा विवाद की शुरुआत गुरुवार को एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले से हुई थी। इसके बाद शनिवार को दोनों देशों ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले किए। अमेरिकी सेना ने रात भर ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में ईरान ने शनिवार को अमेरिकी सेना से जुड़े ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सख्त लहजे में लिखा, ‘ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हमने इसका सम्मान किया है। अगर उन्हें कोई समस्या थी, तो वे फोन उठा सकते थे। लेकिन हिंसा का जवाब अब हिंसा से ही दिया जाएगा।’ दूसरी तरफ, ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने आरोप लगाया कि अमेरिका इस क्षेत्र में छद्म बलों का समर्थन करके समझौते का उल्लंघन कर रहा है।ईरान अब दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण ऊर् …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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