केवल कुछ हजार छात्र ही होंगे प्रभावित मंत्रालय के अनुसार, हर साल लगभग 24 लाख छात्र सीबीएसई की 10वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होते हैं। इनमें से करीब 30 हजार छात्र ही दो विदेशी भाषाओं का विकल्प चुनते हैं। यानी लगभग 98.5 प्रतिशत छात्र पहले से ही तीन-भाषा फॉर्मूले का पालन कर रहे हैं। यह राहत मुख्य रूप से महानगरों और शहरी क्षेत्रों के उन छात्रों के लिए दी गई है, जिन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी थीं। …(पूरी खबर स्रोत पर पढ़ें)

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